छुरिया:- श्रम आयुक्त दर वन कर्मचारी संघ प्रांत प्रमुख हारुन मानिकपुरी ने छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, श्रममंत्री लखनलाल देवांगन, विधी- विधायी मंत्री श्री गजेन्द्र यादव जी से संघ की ओर से मांग करते हुए कहा है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश के निजी क्षेत्रों सार्वजनिक क्षेत्रों दिहाड़ी मजदूरी रेजा कुली का काम करने वाले, शासकीय विभागों में संलग्न अनियमित श्रमिक कारखानों, फैक्ट्रीयों, निजी प्लाट में कार्य करने वाले दिहाड़ी मजदूरी का काम करने वाले श्रमिकों एवं हमारे परिवार ने बहुत उम्मीद से केन्द्र और राज्य में एक ही दल के सरकार को मोदी की गारंटी पर भरोसा कर बड़ी जीत दिलवाई और बहुत उम्मीद थी कि मोदी जी की सरकार जरूर हमारे जीवन सुधार हेतु कुछ बेहतरीन कार्य करेंगे ऐसा हुआ भी, परन्तु दुर्भाग्यवश 1अप्रेल 2026 से देश के सम्पूर्ण राज्यों में जो 4 नए श्रम संहिता लागू हुए , जिसे मोदी सरकार ने अपने ही कार्यकाल में बनाया और अब लागू भी कर रही है। इस 4नए श्रम संहिताओं को छत्तीसगढ़ की सरकार ने स्वयं लागू नहीं किया है। इस 4नए श्रम संहिता में हम रोज कमाने खानें वाले बेहद गरीब श्रमिकों उनके परिजनों की हितों की सुरक्षा का ध्यान रखा गया है। छत्तीसगढ़ में इसके लागू न होने से जहां एक ओर हमारे वेतन/मजदूरी, ईपीएफ, ईएसआईसी की सुविधा जो केन्द्र सरकार द्वारा विशेष छूट के साथ 30 अप्रेल 2026 तक पूरे देश में लागू है उससे भी हम सब वंचित हैं लाभ नहीं ले पाए हैं। छत्तीसगढ़ प्रदेश के समस्त केन्द्रीय विभागों में यह 1अप्रेल 2026 से लागू हो चुका है. BSP भिलाई प्लांट में भी यही वेतन लागू हो चुका है, परन्तु राज्य सरकार के विभाग और राज्य के निजी उद्योगों में यह लागू नहीं हुआ है। इसलिए इसे आगामी एक मई को मजदूर दिवस के अवसर पर लागू करने हेतु उचित निर्णय लिया जाना चाहिए।
