गैंदाटोला में नियम विरुद्ध प्लाटिंग का आरोप, तहसीलदार से जांच की मांग, प्रशासन पर उठे सवाल

 

छुरिया। ग्राम पंचायत गैंदाटोला स्थित खसरा नंबर 386/1 की भूमि पर कथित रूप से नियमों को दरकिनार कर प्लाटिंग किए जाने का मामला तूल पकड़ता नजर आ रहा है। इस संबंध में तहसीलदार छुरिया को आवेदन सौंपकर मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई है।

आवेदन में आरोप लगाया गया है कि उक्त भूमि को छोटे-छोटे प्लॉट में बांटकर बिक्री की जा रही है। प्लाटिंग स्थल के बीच सड़क निर्माण, रजिस्ट्री और नामांतरण जैसी गतिविधियों की चर्चा भी क्षेत्र में जोरों पर है। इससे यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या बिना वैधानिक अनुमति और आवश्यक स्वीकृतियों के ही जमीन का कारोबार चल रहा है।

जानकारी के अनुसार, कॉलोनी या प्लाटिंग विकसित करने के लिए नगर एवं ग्राम निवेश (TCP) की अनुमति, कॉलोनाइजर लाइसेंस, भूमि डायवर्सन और अन्य प्रशासनिक स्वीकृतियां जरूरी होती हैं। बावजूद इसके यदि नियमों की अनदेखी कर प्लाटिंग की जा रही है, तो यह सीधे तौर पर प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।

आवेदन में खसरा नंबर 386/1 के राजस्व रिकॉर्ड, भूमि उपयोग, डायवर्सन, प्लाटिंग की अनुमति, कॉलोनाइजर नियमों के पालन और सड़क निर्माण की वैधानिक स्थिति की जांच की मांग की गई है।

अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन इस गंभीर शिकायत पर कितनी तेजी से कार्रवाई करता है या फिर मामला कागजों तक ही सीमित रह जाएगा। ग्रामीणों की नजर अब जांच और प्रशासनिक कदमों पर टिकी हुई है।

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