Anp news live Korba विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने पर्यावरण संरक्षण और भावनात्मक जुड़ाव को एक नई दिशा देते हुए ‘स्मृति उद्यान’ का शुभारंभ किया। बालको टाउनशिप में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम का उद्घाटन कंपनी के सीईओ एवं निदेशक राजेश कुमार सिंह ने किया। उद्घाटन के बाद 100 से अधिक प्रतिभागियों ने अमलतास के पौधे लगाकर प्रकृति और स्मृतियों को एक साथ संजोने का संकल्प लिया।
यह पहल केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि उन प्रियजनों की यादों को जीवंत रखने का माध्यम है जिन्होंने अपने जीवन में प्रेम, प्रेरणा और मार्गदर्शन दिया। स्मृति उद्यान में लगाया गया हर पौधा किसी न किसी भावना, रिश्ते और याद का प्रतीक बनेगा, जो समय के साथ एक विशाल वृक्ष के रूप में विकसित होकर आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करेगा।
इस अवसर पर सीईओ राजेश कुमार सिंह ने कहा कि स्मृति उद्यान प्रकृति के माध्यम से अपने प्रियजनों को याद करने का एक अनूठा प्रयास है। यहां लगाया गया प्रत्येक पौधा एक कहानी, एक भावना और एक स्मृति को अपने साथ लेकर आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि यह अभियान पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और सतत विकास की दिशा में बालको की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
स्मृति उद्यान को एक दीर्घकालिक अभियान के रूप में विकसित किया जा रहा है। भविष्य में कर्मचारी, उनके परिवारजन और समुदाय के सदस्य जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ, उपलब्धियों के उत्सव या किसी प्रियजन की स्मृति में यहां पौधारोपण कर सकेंगे। समय के साथ यह उद्यान हजारों यादों और वृक्षों का जीवंत संग्रह बन जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान अमलतास के पौधे लगाए गए, जो अपने आकर्षक सुनहरे फूलों, औषधीय गुणों और पर्यावरणीय महत्व के लिए प्रसिद्ध हैं। यह वृक्ष मधुमक्खियों और तितलियों जैसे परागणकर्ताओं को आकर्षित कर जैव विविधता को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
पौधारोपण में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाणपत्र और जैविक खाद वितरित की गई, ताकि वे अपने घरों और आसपास लगाए गए पौधों की देखभाल के लिए प्रेरित हो सकें।
बालको ने बीते तीन महीनों में भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए टाउनशिप के विभिन्न क्षेत्रों में लगभग 4,000 पौधों का रोपण किया है। इनमें 2,000 बोगनवेलिया और 2,000 पेंसिलवेनिया के पौधे शामिल हैं। फॉरेस्ट वॉकवे, नेहरू गार्डन और अन्य हरित स्थलों के साथ यह नई पहल बालकोनगर को और अधिक हरा-भरा और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
