ग्रामीणों की शिकायत के बाद हरकत में आया प्रशासन, पर्यावरण विभाग ने शुरू की जांच
कोरबा। जिले के उरगा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत तरदा में कथित रूप से अवैध तरीके से बायोमेडिकल वेस्ट रखे जाने के मामले में जांच तेज हो गई है। ग्रामीणों द्वारा मामले का खुलासा किए जाने के बाद पर्यावरण विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में Envirocare का नाम सामने आने की बात कही जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि मामले में नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और संबंधित संस्था को नोटिस जारी किया जा रहा है।
ग्रामीणों की सूचना से खुला मामला
ग्रामीणों के अनुसार, गांव के एक सुनसान मकान में बड़ी मात्रा में अस्पतालों से निकलने वाले कथित बायोमेडिकल कचरे को रखा गया था। दुर्गंध फैलने पर ग्रामीणों ने इसकी जानकारी प्रशासन को दी, जिसके बाद संबंधित विभागों की टीम मौके पर पहुंची।
पर्यावरण विभाग ने शुरू की जांच
सूचना मिलने के बाद पर्यावरण विभाग के अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और वहां मौजूद सामग्री की जांच शुरू की। जांच के दौरान बायोमेडिकल वेस्ट के प्रबंधन से जुड़ी संस्था Envirocare का नाम सामने आने की जानकारी अधिकारियों ने दी है।
नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू
जांच से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, मामले में प्रथम दृष्टया नियमों के उल्लंघन की आशंका को देखते हुए संबंधित संस्था को कारण बताओ नोटिस जारी करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। नोटिस के जवाब और विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नियमों के उल्लंघन की होगी जांच
अधिकारी यह भी जांच कर रहे हैं कि बायोमेडिकल वेस्ट का संग्रहण, परिवहन और निस्तारण निर्धारित नियमों के अनुसार किया गया था या नहीं। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या नियमों का उल्लंघन सामने आता है, तो पर्यावरण संरक्षण अधिनियम एवं बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
जांच रिपोर्ट के बाद होगी अंतिम कार्रवाई
फिलहाल मामला जांच के अधीन है। अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों की जांच और संबंधित पक्षों का जवाब प्राप्त होने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही सिद्ध होती है, तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
