कोरबा। उरगा थाना क्षेत्र अंतर्गत करतला विकासखंड के ग्राम पंचायत तरदा में एक सुनसान और नव-निर्मित मकान से संदिग्ध बायोमेडिकल वेस्ट मिलने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का दावा है कि मकान के भीतर बड़ी मात्रा में चिकित्सीय अपशिष्ट जैसा दिखाई देने वाला कचरा पड़ा मिला, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मामले की जानकारी सामने आने के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस और प्रदूषण नियंत्रण मंडल से तत्काल जांच कर सच्चाई सामने लाने की मांग की है।
दुर्गंध से हुआ मामले का खुलासा
ग्रामीणों के अनुसार, रात करीब 8 से 9 बजे के बीच सुनसान मकान से तेज दुर्गंध आने लगी। बदबू का कारण जानने के लिए जब कुछ लोग मौके पर पहुंचे और मकान के भीतर देखा, तो वहां का दृश्य देखकर सभी हैरान रह गए। ग्रामीणों का कहना है कि कमरे के अंदर बड़ी मात्रा में ऐसा कचरा पड़ा था, जो चिकित्सीय अपशिष्ट जैसा प्रतीत हो रहा था।
खून से सनी सामग्री मिलने का दावा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मकान के भीतर खून से सने कॉटन, पट्टियां, बाल, डिस्पोजेबल मेडिकल सामग्री सहित अन्य संदिग्ध चिकित्सीय कचरा बिखरा पड़ा था। ग्रामीणों का कहना है कि इससे लगातार तेज बदबू फैल रही थी, जिससे आसपास के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। यदि यह वास्तव में बायोमेडिकल वेस्ट है, तो यह सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
मौके पर खड़ा मिला वाहन
ग्रामीणों ने बताया कि घटनास्थल के पास CG 12 BU 8302 नंबर का एक वाहन भी खड़ा मिला। हालांकि यह वाहन किसका है और उसका इस मामले से क्या संबंध है, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस और संबंधित विभागों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
दस्तावेज मिलने का भी दावा
ग्रामीणों का यह भी दावा है कि मौके से कुछ दस्तावेज और एक एग्रीमेंट की प्रति मिली है, जिन पर कोरबा के एक निजी अस्पताल का नाम दर्ज होने की बात कही जा रही है। हालांकि इन दस्तावेजों की सत्यता तथा उनका इस मामले से संबंध अभी तक किसी भी सरकारी एजेंसी द्वारा प्रमाणित नहीं किया गया है। इसलिए जांच पूरी होने से पहले किसी भी संस्था या व्यक्ति की जिम्मेदारी तय नहीं की जा सकती।
कई गंभीर सवाल खड़े करता मामला
इस घटना के सामने आने के बाद कई सवाल उठ रहे हैं। यदि यह वास्तव में बायोमेडिकल वेस्ट है, तो इसे गांव के सुनसान मकान में क्यों रखा गया? क्या इस कचरे का परिवहन और निस्तारण निर्धारित नियमों के अनुसार किया गया? यदि नहीं, तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है? क्या किसी एजेंसी या ठेकेदार की भूमिका है? इन सभी सवालों का जवाब अब जांच के बाद ही सामने आएगा।
ग्रामीणों ने की सख्त कार्रवाई की मांग
गांव के लोगों ने जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल और पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण में नियमों का उल्लंघन हुआ है, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
जांच के बाद ही होगा खुलासा
फिलहाल पूरे मामले की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। समाचार में वर्णित कुछ तथ्य ग्रामीणों के दावों पर आधारित हैं। संबंधित अस्पताल, प्रशासन या अन्य विभागों की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बरामद सामग्री क्या थी, वह वहां कैसे पहुंची और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।
