कोण्डागांव, 17 जुलाई | जिले में कुपोषण उन्मूलन और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास विभाग ने "सुपोषण की ओर एक कदम : मुनगा पौधरोपण जन आंदोलन" की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत जिले की सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में मुनगा (सहजन) और विभिन्न फलदार पौधों का रोपण कर सुपोषण वाटिकाएं विकसित की जाएंगी।
अभियान का उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों को पोषण वाटिका के रूप में विकसित करना है, ताकि बच्चों, गर्भवती एवं धात्री माताओं को स्थानीय स्तर पर पौष्टिक फल और हरी सब्जियां उपलब्ध हो सकें। अभियान के दौरान जनप्रतिनिधियों, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, स्वयं सहायता समूहों, स्कूल प्रबंधन समितियों और स्थानीय नागरिकों ने पौधरोपण कर सुपोषण और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
अधिकारियों ने बताया कि मुनगा पोषण का महत्वपूर्ण स्रोत है। इसकी पत्तियों, फलियों, फूलों और बीजों में प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, पोटेशियम तथा विटामिन-ए और विटामिन-सी सहित कई आवश्यक पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो बच्चों के शारीरिक विकास और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सहायक हैं।
अभियान के तहत लगाए गए फलदार पौधों के फलों का उपयोग पोषण गतिविधियों, पोषण माह, स्वास्थ्य दिवस और सामुदायिक कार्यक्रमों में किया जाएगा। साथ ही लोगों को पौष्टिक आहार, स्वच्छता, जल संरक्षण, जैविक खेती और संतुलित भोजन के प्रति भी जागरूक किया जाएगा।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने अभियान को जन आंदोलन का स्वरूप देने के लिए आम नागरिकों से "एक आंगनबाड़ी–एक सुपोषण वृक्ष, एक परिवार–एक फलदार पौधा" के संदेश के साथ घरों, विद्यालयों, कार्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर कम से कम एक मुनगा और एक फलदार पौधा लगाने तथा उसकी नियमित देखभाल करने की अपील की है। यह पहल जिले में कुपोषण कम करने के साथ-साथ हरित और स्वस्थ समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
