छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में मानवता और सेवा की एक प्रेरणादायक मिसाल देखने को मिल रही है, जहां परहित चैरिटेबल सोसायटी जरूरतमंद विधवा महिलाओं के जीवन में हर महीने नई उम्मीद जगा रही है। वर्ष 2010 से समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय यह संस्था वर्ष 2022 में कोरोना काल के दौरान शुरू की गई अपनी पहल को आज भी निरंतर जारी रखे हुए है।
संस्था द्वारा हर माह की पहली तारीख को जिले में विधवा महिलाओं के बीच राशन किट का वितरण किया जाता है। इसी कड़ी में आज भी दर्जनों महिलाओं को आवश्यक खाद्य सामग्री प्रदान की गई, जिससे उनके दैनिक जीवन की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल रही है।
संस्था के अध्यक्ष विशाल कुमार गुप्ता के नेतृत्व में प्रत्येक हितग्राही महिला को पांच किलो गेहूं, एक किलो दाल, एक किलो शक्कर, एक किलो तेल, एक किलो नमक, चायपत्ती, दो किलो आलू और एक किलो प्याज वितरित किया गया। यह सहायता न केवल उनके जीवन-यापन में सहयोग देती है, बल्कि उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने का संबल भी प्रदान करती है।
संस्था का प्रधान कार्यालय महाराष्ट्र में स्थित है, जबकि इसका कॉरपोरेट कार्यालय बलरामपुर (छत्तीसगढ़) में संचालित हो रहा है। स्थानीय स्तर पर इस तरह की निरंतर पहल समाज में सेवा, सहयोग और संवेदनशीलता का मजबूत संदेश दे रही है।
इस अवसर पर गुप्ता ने कहा कि संस्था का उद्देश्य जरूरतमंदों तक नियमित सहायता पहुंचाना है, ताकि कोई भी व्यक्ति खुद को अकेला या असहाय महसूस न करे। उन्होंने इस सेवा कार्य को आगे भी निरंतर जारी रखने का संकल्प दोहराया।
“परहित परमो धर्म” के मूल मंत्र के साथ चल रही यह पहल समाज के लिए एक प्रेरणास्रोत बनती जा रही है, जो दूसरों की मदद करने की भावना को और मजबूत करती है।
