रायगढ़। छत्तीसगढ़ के गजमार पहाड़ मंदिर परिसर में 51 फीट ऊंची भव्य हनुमान प्रतिमा स्थापित किए जाने की तैयारी शुरू हो गई है। यह प्रतिमा क्षेत्र में धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यटन को भी नई पहचान देगी। खास बात यह है कि यह पूरा कार्य जनसहयोग से किया जा रहा है।
प्रेस वार्ता में दी गई विस्तृत जानकारी
5 मई को पहाड़ मंदिर नवनिर्माण समिति ने प्रेस वार्ता आयोजित कर इस परियोजना की जानकारी साझा की। समिति के अध्यक्ष डॉ. पवन अग्रवाल ने बताया कि मंदिर नवनिर्माण और प्रतिमा स्थापना में हर नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए क्यूआर कोड और बैंक खाता नंबर जारी किया जा रहा है। दान प्रक्रिया पूरी तरह कैशलेस होगी, जिससे लोग अपनी श्रद्धानुसार 11, 21, 51 या अधिक राशि का सहयोग कर सकेंगे।
समाजों और संस्थाओं का मिल रहा व्यापक समर्थन
समिति के सदस्य पिछले 20 दिनों से शहर के 40 से अधिक समाजों, समितियों, कॉलोनी कमेटियों और संस्थाओं के साथ बैठक कर रहे हैं। इन बैठकों के माध्यम से लोगों को भूमि पूजन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। कई समाजों ने उत्साहपूर्वक सहयोग की सहमति दी है, जबकि अन्य से संपर्क जारी है।
भूमि पूजन में 10 हजार से अधिक लोगों के पहुंचने की संभावना
समिति के अनुसार प्रस्तावित भूमि पूजन कार्यक्रम में 10,000 से अधिक लोगों के शामिल होने का अनुमान है। कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और ट्रैफिक पुलिस से अनुमति ले ली गई है।
सरकारी स्तर पर भी हो रहा विकास कार्य
प्रदेश के मंत्री ओपी चौधरी ने गजमार पहाड़ पर विभिन्न निर्माण और सौंदर्यीकरण कार्यों की घोषणा की है। इसके तहत नई सीढ़ी, पीछे से सड़क निर्माण, वॉच टॉवर सहित कई सुविधाओं का निर्माण तेजी से किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिल सके।
जयपुर के मूर्तिकार को सौंपा गया निर्माण कार्य
हनुमान प्रतिमा निर्माण का कार्य जयपुर के प्रसिद्ध मूर्तिकार एवं वास्तुविद् को सौंपा गया है। प्रतिमा कांस्य मिश्रित धातु से बनाई जाएगी, जिसका वजन लगभग 9000 किलोग्राम होगा और इसे तीन भागों में तैयार कर स्थल पर स्थापित किया जाएगा।
51 फीट ऊंचाई में बनेगी प्रतिमा
समिति ने बताया कि प्रतिमा की ऊंचाई 31 फीट होगी, जिसे 20 फीट ऊंचे स्ट्रक्चर पर स्थापित किया जाएगा। इस प्रकार कुल ऊंचाई 51 फीट हो जाएगी, जो इसे और भी भव्य रूप प्रदान करेगी।
1980 में हुआ था मंदिर का निर्माण
गौरतलब है कि गजमार पहाड़ मंदिर का निर्माण वर्ष 1980 में हुआ था और तब से यह क्षेत्र श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। अब इस भव्य प्रतिमा के निर्माण के साथ यह स्थल धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
