कोंडागांव, 29 मई 2026 | ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मर्दापाल ने कोंडागांव जिले के धान खरीदी केंद्रों में बड़े पैमाने पर घोटाले का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र कोर्राम के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में खरीदी केंद्रों में हुई अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।क्या है पूरा मामला?
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अनुसार, मुलमूला धान खरीदी केंद्र में सामने आए घोटाले के बाद, जिला कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर मर्दापाल ब्लॉक के सभी पांच धान खरीदी केंद्रों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में खरीदी केंद्रों में धान की भारी मात्रा में 'सुखती' (शॉर्टेज) दिखाई गई है, जिसे कांग्रेस ने मिलीभगत से किया गया घोटाला करार दिया है।

खरीदी केंद्रों में पाई गई 'सुखती' का विवरण:
निरीक्षण रिपोर्ट के अनुसार, निम्नलिखित केंद्रों में धान की कमी पाई गई है:
सोनाबाल: 1597.43 क्विंटल,
मर्दापाल: 1585.83 क्विंटल,
नवागांव: 601.46 क्विंटल,
गोलावंड: 439.48 क्विंटल,
बयानार: 421.97 क्विंटल
किसानों पर पड़ रहा है बोझ
ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि घोटाला प्रबंधक और खरीदी प्रभारियों की मिलीभगत से किया जा रहा है, लेकिन इसका खामियाजा अंततः समिति और किसानों को भुगतना पड़ता है। कांग्रेस ने इसे गलत ठहराते हुए कहा है कि "घोटाला कोई करे और भरपाई कोई और", यह स्थिति स्वीकार्य नहीं है।
प्रशासनिक और राजनीतिक संरक्षण का आरोप
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि इस घोटाले के पीछे कहीं न कहीं प्रशासनिक और राजनीतिक संरक्षण है। ब्लॉक अध्यक्ष देवेन्द्र कोर्राम ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों को बचाते हुए केवल लीपापोती की गई या निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो कांग्रेस पार्टी मर्दापाल से लेकर कोंडागांव तक उग्र आंदोलन (जंगी प्रदर्शन) करने के लिए बाध्य होगी।
