राजनांदगांव। कांग्रेस नेता चुम्मन साहू ने रायपुर के ग्राम नकटी में हुई बेदखली की कार्रवाई को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि नकटी की घटना ने भाजपा की तथाकथित डबल इंजन सरकार का असली चेहरा जनता के सामने ला दिया है। एक तरफ गरीबों को आवास, विकास और सुशासन के सपने दिखाए जाते हैं, दूसरी तरफ उन्हीं गरीबों के आशियानों पर बुलडोजर चलाया जाता है। यही भाजपा का गरीबों के प्रति नजरिया है।
चुम्मन साहू ने कहा कि भाजपा सरकार को नकटी गांव को लेकर प्रदेश की जनता के सामने जवाब देना चाहिए। अगर जमीन अवैध थी, तो वर्षों तक भाजपा सरकार और प्रशासन सोते रहे क्या? अवैध जमीन पर स्थायी बिजली कनेक्शन किसके आदेश से दिया गया? सरकारी पानी की टंकी किसकी मंजूरी से बनाई गई? प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ बिना पात्रता जांच के कैसे मिला? सरकारी पैसे से रंगमंच और अन्य निर्माण किसके संरक्षण में हुए? घर-घर शौचालय और जल जीवन मिशन के नल कनेक्शन किस आधार पर दिए गए? आधार कार्ड, राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र और अन्य सरकारी सुविधाएं किस सरकारी रिकॉर्ड के आधार पर जारी की गईं?
उन्होंने कहा कि चुनाव के समय यही लोग भाजपा के लिए मतदाता थे, सरकारी योजनाओं के पात्र थे, लेकिन आज अचानक अतिक्रमणकारी कैसे हो गए? अगर व्यवस्था में गलती हुई थी, तो उसकी सजा सिर्फ गरीबों को ही क्यों दी जा रही है? भाजपा सरकार अपनी प्रशासनिक विफलता छिपाने के लिए गरीबों पर बुलडोजर चला रही है।
चुम्मन साहू ने कहा, "यदि विधायकों के लिए नए आवास बनाने की जरूरत है, तो नया रायपुर सहित अन्य स्थानों पर पर्याप्त सरकारी जमीन उपलब्ध है। गरीबों का आशियाना उजाड़कर विकास का दावा करना जनहित नहीं, बल्कि संवेदनहीन और जनविरोधी सोच का परिचायक है।"
उन्होंने आरोप लगाया कि "भाजपा सरकार गरीबों की नहीं, सत्ता की राजनीति कर रही है। जिन लोगों के वोट से सरकार बनी, आज उन्हीं के सिर से छत छीन ली गई। यह जनविरोधी फैसला है और कांग्रेस इसका पुरजोर विरोध करती है।"
चुम्मन साहू ने कहा कि "बुलडोजर सिर्फ गरीबों पर ही क्यों चलता है? जिन अधिकारियों ने बिजली, पानी, प्रधानमंत्री आवास, शौचालय, जल जीवन मिशन और अन्य सरकारी सुविधाओं की मंजूरी दी, उन अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई कब होगी? क्या कानून सिर्फ गरीबों के लिए है?"
अंत में उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को चुनौती देते हुए कहा, "मुख्यमंत्री जवाब दें कि व्यवस्था की विफलता का ठीकरा गरीबों के सिर पर ही क्यों फोड़ा जा रहा है? अगर सरकार में नैतिक साहस है तो सिर्फ गरीबों पर बुलडोजर चलाने के बजाय उन अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों पर भी कार्रवाई करे, जिनकी अनुमति और लापरवाही से यह सब वर्षों तक चलता रहा। बुलडोजर से गरीबों के घर गिराए जा सकते हैं, लेकिन जनता के सवाल नहीं दबाए जा सकते। कांग्रेस गरीबों की आवाज थी, है और रहेगी।"
