बैगा बाहुल्य चुकतीपानी में महिला सशक्तिकरण की मजबूत पहल

बैगा बाहुल्य चुकतीपानी में महिला सशक्तिकरण की मजबूत पहल

जिला पंचायत सदस्य पवन पैकरा ने विकास को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता, बिहान समूह को मिला स्वरोजगार उन्मुख प्रशिक्षण

संवाददाता - आशीष श्रीवास/गौरेला पेंड्रा मरवाही 

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के बैगा बाहुल्य ग्राम पंचायत चुकतीपानी में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली। दिनांक 10 जुलाई 2026 को वन धन विकास केंद्र गौरेला (चुकतीपानी) में बिहान समूह की महिलाओं के लिए “आइसक्रीम निर्माण, तेल प्रसंस्करण एवं खाद्य सुरक्षा (FSSAI)” विषय पर एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन मरवाही वन मंडल द्वारा किया गया, जिसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ते हुए आर्थिक रूप से सशक्त बनाना रहा।

कार्यक्रम में क्षेत्रीय जिला पंचायत सदस्य श्री पवन पैकरा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में विशेष रूप से बैगा बाहुल्य क्षेत्र के विकास की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि शासन की योजनाओं का सही लाभ तभी संभव है जब ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर बनें। उन्होंने कहा कि बिहान समूह की महिलाएं आज बदलाव की धुरी बन रही हैं और ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का माध्यम हैं। श्री पैकरा ने महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे सीखे गए कौशल का उपयोग कर स्वरोजगार अपनाएं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करें।

इस अवसर पर जनपद पंचायत गौरेला के सीईओ श्री ज्ञानदर भगत ने कहा कि बिहान योजना ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने का एक सशक्त माध्यम है, जिससे महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। एडीईओ श्री दिनेश कुमार दाऊ ने प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि खाद्य सुरक्षा (FSSAI) के नियमों की जानकारी से महिलाएं सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार कर बाजार में अपनी पहचान बना सकती हैं| 

ग्राम पंचायत चुकतीपानी की सरपंच श्रीमती मानकुंवर करसायल ने महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से गांव की महिलाएं नई दिशा में आगे बढ़ रही हैं और आत्मनिर्भर बनने की ओर अग्रसर हैं। तकनीकी सहायक श्री मनमोहन पैकरा एवं वन समिति के प्रबंधक श्री सुरेश कुमार धुर्वे ने भी कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और प्रशिक्षण की उपयोगिता पर प्रकाश डाला।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान बिहान समूह की महिलाओं ने आइसक्रीम निर्माण की विधि, तेल प्रसंस्करण की तकनीक तथा खाद्य सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण नियमों की जानकारी प्राप्त की। महिलाओं ने पूरे उत्साह और सक्रिय भागीदारी के साथ प्रशिक्षण में हिस्सा लिया और इसे अपने भविष्य के लिए उपयोगी बताया।

इस पहल से न केवल महिलाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर खुलेंगे, बल्कि बैगा बाहुल्य चुकतीपानी क्षेत्र में आर्थिक और सामाजिक विकास को भी नई गति मिलेगी। कार्यक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया कि यदि सही मार्गदर्शन और प्रशिक्षण मिले, तो ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर अपने क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं।

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