300 कैमरों ने खोला राज, शहर में चोरी करने वाला इंटरस्टेट गैंग बेनकाब

Anp News Live, Bilaspur शहर में रिहायशी अपार्टमेंट्स में चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले अंतर्राज्यीय शातिर गिरोह पर बिलासपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यह सफलता पुलिस की सूक्ष्म जांच, तकनीकी विश्लेषण और लगातार 20 दिनों तक दिल्ली-मेरठ में कैंप कर की गई मेहनत का परिणाम है।

उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह (भा.पु.से.) के निर्देशन में एसीसीयू एवं थाना सिविल लाइन की संयुक्त टीम ने इस हाई-प्रोफाइल चोरी कांड का पर्दाफाश किया। गिरफ्तार आरोपी ताज मोहम्मद उर्फ ताज (34 वर्ष), निवासी मेरठ (उ.प्र.) है, जो देश के कई राज्यों में चोरी की वारदातों में शामिल रहा है।

 घटना और जांच का पूरा खुलासा

दिनांक 28 सितंबर 2025 को साकेत अपार्टमेंट एवं मंगला चौक स्थित रियल हेवन अपार्टमेंट में दिनदहाड़े अज्ञात चोरों ने फ्लैट का ताला तोड़कर लाखों के जेवरात और कीमती सामान पार कर दिया था। मामले में थाना सिविल लाइन में विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर डॉग स्क्वाड, फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट और साइबर टीम की मदद से साक्ष्य जुटाए। आसपास के 300 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले गए, जिससे संदिग्धों की पहचान के अहम सुराग मिले।

 तकनीक और रणनीति से मिली सफलता

जांच के दौरान मिले फुटेज और फिंगरप्रिंट के आधार पर आरोपियों की पहचान दिल्ली-मेरठ निवासी ताज मोहम्मद और वसीम मोहम्मद के रूप में हुई। वसीम पहले ही दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था, जबकि ताज मोहम्मद लगातार अपनी पहचान छुपाकर फरार चल रहा था।

पुलिस टीम ने हार नहीं मानी और करीब 20 दिन तक दिल्ली, मेरठ सहित संभावित स्थानों पर कैंप कर तकनीकी साक्ष्यों, बैंकिंग ट्रांजेक्शन और मोबाइल डेटा के आधार पर आखिरकार 24 अप्रैल 2026 को ताज मोहम्मद को दबोच लिया।

बरामदगी और आरोपी का खुलासा

पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह अपने साथी के साथ बिलासपुर में चोरी की वारदात को अंजाम देकर सोने-चांदी के जेवरात को खुद ही गलाकर छुपा देता था। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर:

35.34 ग्राम गला हुआ सोना (कीमत लगभग ₹4.99 लाख)

सोना गलाने की चिमनी (उपकरण)

बरामद किया है।

 आदतन अपराधी, कई राज्यों में दर्ज 47 केस

आरोपी ताज मोहम्मद के खिलाफ दिल्ली, मेरठ, जयपुर, अलीगढ़, लुधियाना समेत कई शहरों में 47 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। यह गिरोह सुनियोजित तरीके से शहरों में आकर अपार्टमेंट्स को निशाना बनाता था और वारदात के बाद तुरंत राज्य बदल देता था।

 पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका

इस जटिल मामले को सुलझाने में नगर पुलिस अधीक्षक निमितेश सिंह, थाना प्रभारी एस.आर. साहू, एसीसीयू प्रभारी गोपाल सतपथी सहित पूरी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक द्वारा टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा भी की गई है।

 पुलिस की अपील

बिलासपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि—

 अपने घरों और अपार्टमेंट्स में CCTV कैमरे अनिवार्य रूप से लगाएं

 संदिग्ध व्यक्तियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें

 सुरक्षा मानकों का पालन कर अपराधों से बचाव करें

बिलासपुर पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अपराधी कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून के लंबे हाथ से बच नहीं सकता।

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