संस्कृत, हिंदी और अंग्रेज़ी की ऑनलाइन कक्षाएं होंगी शुरू, अगस्त अंत या सितंबर प्रारंभ में होगा शुभारंभ

मुख्यमंत्री को दिया गया नि:शुल्क ऑनलाइन भाषा अभियान के शुभारंभ का आमंत्रण

रायगढ़। सामाजिक संगठन 'सुख-दुःख के साथी (विप्र परिवार)' द्वारा शुरू किए जा रहे नि:शुल्क ऑनलाइन भाषा शिक्षण अभियान की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। इसी क्रम में कार्यक्रम के संयोजक एवं संचालक भानु प्रताप मिश्र ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से सौजन्य मुलाकात कर उन्हें इस अभियान का शुभारंभ करने के लिए औपचारिक आमंत्रण सौंपा।

 

भेंट के दौरान भानु प्रताप मिश्र ने मुख्यमंत्री को कार्यक्रम की अवधारणा, उद्देश्य और संचालन व्यवस्था की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को संस्कृत, हिंदी और अंग्रेज़ी जैसी महत्वपूर्ण भाषाओं का नि:शुल्क ज्ञान उपलब्ध कराना है, जिससे भाषा कौशल, सांस्कृतिक समझ और रोजगार संबंधी संचार क्षमता को बढ़ावा मिल सके।

 

कार्यक्रम के तहत छात्र-छात्राएं, युवा, महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक सहित सभी आयु वर्ग के इच्छुक प्रतिभागी बिना किसी शुल्क के ऑनलाइन कक्षाओं से जुड़ सकेंगे। विषय विशेषज्ञों द्वारा नियमित कक्षाएं संचालित की जाएंगी तथा पंजीयन गूगल फॉर्म के माध्यम से किया जाएगा।

 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस सामाजिक एवं शैक्षिक पहल की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान समय में भारतीय संस्कृति, मातृभाषा और वैश्विक संवाद के लिए संस्कृत, हिंदी तथा अंग्रेज़ी का ज्ञान अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सुझाव दिया कि कार्यक्रम का शुभारंभ अगस्त के अंतिम सप्ताह अथवा सितंबर के प्रारंभिक दिनों में किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इस अभियान से लाभान्वित हो सकें।

 

कार्यक्रम संयोजक भानु प्रताप मिश्र ने बताया कि मुख्यमंत्री के सुझावों के अनुरूप तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। साथ ही, 15 जुलाई के बाद किसी उपयुक्त तिथि पर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा, पंजीयन प्रक्रिया, विषय विशेषज्ञों और कक्षाओं से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारियां मीडिया एवं आमजन के साथ साझा की जाएंगी।

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