नीट पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस का केंद्र सरकार पर हमला, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी गौरेला-पेंड्रा-मरवाही ने प्रेसवार्ता आयोजित कर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। कांग्रेस नेताओं ने शिक्षा व्यवस्था में लगातार हो रही अनियमितताओं को लेकर केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।

प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक डॉ. के.के. ध्रुव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के लगातार संघर्ष और देशभर में उठाई गई आवाज के बाद ही सरकार को नीट परीक्षा दोबारा कराने का निर्णय लेना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि नीट पेपर लीक से 22 लाख से अधिक विद्यार्थियों और उनके परिवारों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है।

कांग्रेस प्रवक्ता वीरेंद्र सिंह बघेल ने कहा कि नीट पेपर लीक से उत्पन्न मानसिक तनाव के कारण देश के विभिन्न राज्यों में कई छात्रों की जान जा चुकी है। उन्होंने इसे सरकार की विफल नीतियों का परिणाम बताते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में राष्ट्रीय स्तर की अनेक परीक्षाओं के पेपर लीक होने के मामले सामने आए हैं, लेकिन दोषियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष दया वाकरे ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने शिक्षा क्षेत्र के बजट में कटौती कर शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने का काम किया है। वहीं जिला महामंत्री राकेश मसीह ने पेपर लीक मामलों की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच कराने की मांग उठाई।जिला उपाध्यक्ष नारायण शर्मा ने कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) परीक्षा संचालन में पूरी तरह विफल साबित हुई है। इसलिए एनटीए को भंग कर एक नई पारदर्शी और जवाबदेह संस्था का गठन किया जाना चाहिए। जिला उपाध्यक्ष कमाल खान ने भी केंद्र सरकार की शिक्षा एवं परीक्षा संबंधी नीतियों पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।प्रेसवार्ता में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि देश के युवाओं और विद्यार्थियों के भविष्य की सुरक्षा के लिए परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई आवश्यक है।

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