न्याय दो या प्राण लो: पैतृक जमीन की मांग को लेकर बस्तर से रायपुर पदयात्रा पर निकली आदिवासी महिला, व्हीलचेयर पर रखा संविधान

कोण्डागांव, 28 मई 2026 | बस्तर की आदिवासी महिला एवं मां दंतेश्वरी की पुजारिन लखमनी बघेल अपनी पैतृक जमीन वापस दिलाने की मांग को लेकर बस्तर से रायपुर तक लगभग 300 किमी की पदयात्रा पर निकली हैं। भीम आर्मी भारत एकता मिशन छत्तीसगढ़ के बैनर तले चल रही “न्याय दो या प्राण लो” पदयात्रा बुधवार रात कोण्डागांव पहुंची। पदयात्रा की खास बात यह रही कि प्रदर्शनकारी संविधान को व्हील चेयर पर रखकर साथ चल रहे हैं, जिसके जरिए संविधान के “विकलांग” होने का प्रतीकात्मक संदेश दिया जा रहा है।

 

लखमनी बघेल ने आरोप लगाया कि उनके पूर्वजों की 100 एकड़ से अधिक जमीन में से आधी से ज्यादा को नजूल घोषित कर बाहरी लोगों ने कब्जा कर लिया है। उन्होंने प्रशासन पर शिकायतों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष सीमांकन, अतिक्रमण हटाने और सुरक्षा की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी कि न्याय नहीं मिलने पर रायपुर में मुख्यमंत्री निवास के सामने शांतिपूर्ण धरना दिया जाएगा।

Related Post

Hg