1.50 करोड़ की गांजा तस्करी का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, एक माह बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा

रायगढ़। जिले में 1.50 करोड़ रुपये की गांजा तस्करी मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी को रायगढ़ पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया। मध्यप्रदेश निवासी आरोपी पिछले एक महीने से पुलिस की पकड़ से बाहर था। साइबर सेल और लैलूंगा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में घेराबंदी कर उसे दबोच लिया गया। आरोपी के कब्जे से 10.17 लाख रुपये की संपत्ति भी जब्त की गई है।

 

यह मामला 5 जून का है, जब लैलूंगा पुलिस ने ओडिशा से मध्यप्रदेश ले जाए जा रहे करीब 300 किलोग्राम गांजा की खेप जब्त कर तीन अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया था। उस कार्रवाई में करीब 1.86 करोड़ रुपये की संपत्ति, जिसमें 1.50 करोड़ रुपये का गांजा, इनोवा क्रिस्टा, मारुति ईको (वाहन), और पांच मोबाइल फोन शामिल थे, जब्त किए गए थे। पूछताछ में आरोपियों ने पूरे नेटवर्क का संचालन शुभम यादव द्वारा किए जाने का खुलासा किया था।

 

तकनीकी निगरानी से मिला सुराग

 

एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देश पर साइबर थाना और लैलूंगा पुलिस लगातार शुभम यादव की तलाश कर रही थी। मोबाइल की तकनीकी जांच और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पता चला कि अनूपपुर (मध्यप्रदेश) निवासी शुभम यादव रायगढ़ क्षेत्र में कार से घूम रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने पीछा शुरू किया। पुलिस को देखकर आरोपी तेज रफ्तार से भागने लगा, लेकिन आसपास के थानों की नाकेबंदी के बाद कुंजारा मुख्य मार्ग पर संयुक्त टीम ने उसे घेरकर गिरफ्तार कर लिया।

 

केआईए कार समेत 10.17 लाख की संपत्ति जब्त

 

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 10 लाख रुपये कीमत की केआईए कार, मोबाइल फोन, घड़ी, 3 हजार रुपये नकद, वाहन की आरसी, चाबी और तीन एटीएम कार्ड सहित कुल 10.17 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

 

एसएसपी बोले— अब नेटवर्क के मास्टरमाइंड पर सीधी कार्रवाई

 

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि रायगढ़ पुलिस अब केवल गांजा जब्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे तस्करी नेटवर्क और उसके मास्टरमाइंड तक पहुंचकर कार्रवाई कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे के कारोबार में शामिल किसी भी आरोपी को कानून से बचने नहीं दिया जाएगा।

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