गैंदाटोला में अवैध शराब बिक्री की चर्चा तेज, आखिर कार्रवाई से परहेज क्यों?,समाजसेवी अनीस सोनी ने पुलिस व आबकारी विभाग से की सख्त कार्रवाई की मांग

 

छुरिया। गैंदाटोला में कथित रूप से हो रही अवैध शराब बिक्री को लेकर समाजसेवी अनीस सोनी ने प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पुलिस एवं आबकारी विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि गैंदाटोला में अवैध शराब बिक्री की चर्चा लंबे समय से आम लोगों के बीच हो रही है, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आ रही है।

अनीस सोनी ने कहा, "जब गांव के आम नागरिकों को इस संबंध में जानकारी है, तो यह मानना मुश्किल है कि जिम्मेदार विभागों तक इसकी सूचना नहीं पहुंची होगी। इसके बावजूद कार्रवाई का अभाव कई सवाल खड़े करता है। आखिर ऐसी कौन सी वजह है कि चर्चाओं के बावजूद जांच और कार्रवाई नहीं हो रही?"

उन्होंने कहा कि अवैध शराब का कारोबार केवल कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि गांव के सामाजिक ताने-बाने और युवाओं के भविष्य के लिए भी गंभीर खतरा बनता जा रहा है। नशे की बढ़ती प्रवृत्ति से युवा वर्ग प्रभावित हो रहा है और कई परिवार इसके दुष्परिणाम भुगत रहे हैं।

समाजसेवी अनीस सोनी ने पुलिस विभाग एवं आबकारी विभाग से मांग करते हुए कहा कि गैंदाटोला तथा आसपास के क्षेत्रों में संयुक्त रूप से आकस्मिक जांच अभियान चलाया जाए और संदिग्ध स्थानों पर छापेमार कार्रवाई की जाए। यदि कहीं भी अवैध शराब का कारोबार संचालित पाया जाता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा, "कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। वहीं अवैध शराब पर रोक लगाने की जवाबदेही आबकारी विभाग की है। ऐसे में दोनों विभागों को सक्रिय होकर मैदान में उतरना चाहिए, ताकि अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।"

अनीस सोनी ने कहा कि ग्रामीणों के बीच उठ रहे सवालों का जवाब केवल जांच और कार्रवाई से ही दिया जा सकता है। यदि गैंदाटोला में अवैध शराब बिक्री नहीं हो रही है तो जांच से स्थिति स्पष्ट हो जाएगी, और यदि हो रही है तो दोषियों पर कार्रवाई कर कानून का राज स्थापित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

अनिस सोनी ने कहा जब पूरे गांव में अवैध शराब बिक्री की चर्चा है, तो ग्राम के प्रमुख और जिम्मेदार लोग इससे अनजान कैसे हो सकते हैं? यदि उन्हें जानकारी है तो फिर कार्रवाई कराने के लिए पहल क्यों नहीं की जा रही? यह सवाल आज ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।"

उन्होंने मांग की कि पुलिस और आबकारी विभाग जल्द से जल्द गैंदाटोला में विशेष अभियान चलाकर वास्तविक स्थिति जनता के सामने रखें, ताकि ग्रामीणों के मन में उठ रहे संदेह समाप्त हों और क्षेत्र को नशे के दुष्प्रभाव से बचाया जा सके।

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