कोण्डागांव पुलिस की बड़ी कार्रवाई, शिक्षकों को लोन दिलाने के नाम पर 10-12 करोड़ की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश

कोण्डागांव, 09 जुलाई 2026 | कोण्डागांव जिले के फरसगांव और केशकाल पुलिस ने एक अंतर्राज्यीय ठग गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 05 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। यह गिरोह पिछले कई महीनों से शिक्षकों को 'मल्टीपल बैंक लोन' का झांसा देकर करोड़ों रुपयों की ठगी कर रहा था।

ठगी का तरीका: शिक्षकों को बनाया निशाना

आरोपियों ने एक सुनियोजित साजिश के तहत प्रदेश भर के शिक्षकों को अपना शिकार बनाया। गिरोह ने पीड़ितों को अलग-अलग बैंकों से एक साथ कई लोन (मल्टीपल लोन) दिलाने का लालच दिया।

योजना: पीड़ितों को बताया जाता था कि उन्हें लोन राशि का 40% हिस्सा मिलेगा और शेष 60% का ईएमआई आरोपी भरेंगे।

फर्जी दस्तावेज: लोन पास कराने के लिए आरोपियों ने बैंक कर्मचारियों और एजेन्टों की मिलीभगत से पीड़ितों के सैलरी स्लीप, पैन कार्ड और कूट रचित (फर्जी) आधार कार्ड का उपयोग किया।

ठगी की राशि: प्रारंभिक जांच में 43 से अधिक शिक्षकों के साथ करीब 10-12 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है।

पुलिस की विशेष टीम और गिरफ्तारी

फरसगांव और केशकाल पुलिस ने पिछले 3 महीनों तक बैंक खातों और तकनीकी साक्ष्यों का सूक्ष्म विश्लेषण किया। पुलिस अधीक्षक श्री पंकज चन्द्रा के निर्देशन और एएसपी कपिल चन्द्रा के मार्गदर्शन में एसडीओपी अभिनव उपाध्याय (फरसगांव) और अरुण नेताम (केशकाल) के नेतृत्व में विशेष टीमें गठित की गईं।

पुलिस ने मोबाइल लोकेशन और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर अंबिकापुर, जशपुर और सारंगढ़ से आरोपियों को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपी

 1. शिवशंकर दास (40 वर्ष), निवासी धौरपुर, सरगुजा।

 2. दिलीप कुमार सोनी (45 वर्ष), निवासी अंबिकापुर।

 3. विरेन्द्र तिर्की (44 वर्ष), निवासी सन्ना, जशपुर।

 4. श्यामसुन्दर जांगडे (33 वर्ष), निवासी कोसीर, सारंगढ़।

 5. अंशुमान सिंह (28 वर्ष), निवासी बिलासपुर/अंबिकापुर।

जप्त सामग्री

आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन, चेक बुक, पास बुक, एटीएम कार्ड, विभिन्न बैंक दस्तावेज, संधारित रजिस्टर, लैपटॉप और डेस्कटॉप कंप्यूटर जप्त किए गए हैं।

दर्ज प्रकरण

पुलिस ने थाना फरसगांव और थाना केशकाल में संबंधित धाराओं (भारतीय न्याय संहिता और भादवि) के तहत कुल 04 गंभीर प्रकरण दर्ज किए हैं। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और गिरोह के अन्य सहयोगियों की भी तलाश जारी है।

इस पूरी कार्रवाई में फरसगांव थाना प्रभारी निरीक्षक चन्द्रशेखर श्रीवास और केशकाल थाना प्रभारी निरीक्षक विकास बघेल एवं उनकी पुलिस टीम की भूमिका सराहनीय रही।

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