छत्तीसगढ़ में 22 अगस्त को रहेगा बंद: कर्मचारी-अधिकारियों की हड़ताल से स्कूल और दफ्तरों पर असर, मोदी की गारंटी लागू करो - आंदोलन के तहत एकदिवसीय कलमबंद

कोण्डागांव, 6 अगस्त 2025: छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के आह्वान पर प्रदेशभर के सरकारी कर्मचारी एवं अधिकारी 22 अगस्त 2025 को एकदिवसीय हड़ताल पर रहेंगे। इस दौरान सभी शासकीय कार्यालय, स्कूल एवं अन्य संस्थान बंद रहेंगे। यह हड़ताल “मोदी की गारंटी लागू करो” आंदोलन के अंतर्गत जिला स्तरीय कलमबंद–कामबंद आंदोलन का हिस्सा होगी।

 

हड़ताल की तैयारियों को लेकर कोण्डागांव में फेडरेशन की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इसमें निर्णय लिया गया कि प्रचार-प्रसार एवं संगठन की सुदृढ़ता के लिए माकड़ी, फरसगांव, केशकाल, बड़े राजपुर व कोण्डागांव विकासखंडों में विशेष दौरा किया जाएगा।

 

16 जुलाई को हुआ था ऐतिहासिक प्रदर्शन

ज्ञात हो कि 16 जुलाई 2025 को प्रदेश के हजारों कर्मचारियों और अधिकारियों ने अपनी मांगों को लेकर राजधानी रायपुर सहित सभी जिलों में एकजुटता दिखाते हुए ऐतिहासिक प्रदर्शन किया था। आंदोलन का मुख्य उद्देश्य राज्य सरकार से लंबित मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग करना है।

 

11 सूत्रीय मांगें, जो बनीं आंदोलन की आधारशिला:

फेडरेशन द्वारा उठाई गई 11 प्रमुख मांगें कर्मचारियों की आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी हैं:

 

केंद्र सरकार के अनुरूप DA लागू किया जाए।

 

DA एरियर्स की राशि GPF खाते में समायोजित हो।

 

चार स्तरीय समयमान वेतनमान की व्यवस्था।

 

वेतन विसंगतियों को दूर करने पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक हो।

 

सेवा लाभ की गणना प्रथम नियुक्ति तिथि से हो।

 

सहायक शिक्षकों और पशु चिकित्सा अधिकारियों को तृतीय समयमान वेतनमान दिया जाए।

 

अनुकंपा नियुक्ति में 10% सीमा में शिथिलीकरण हो।

 

प्रदेश में कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू की जाए।

 

अर्जित अवकाश का नगदीकरण 300 दिवस तक किया जाए।

 

अस्थायी, दैनिक, अनियमित कर्मचारियों के लिए स्थायी नियुक्ति नीति बने।

 

सभी विभागों में सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष की जाए।

 

 

बैठक में रहे ये पदाधिकारी शामिल

बैठक में जिला संयोजक शिवराज सिंह ठाकुर, उपसंयोजक निर्मल कुमार शार्दूल, सहसंयोजक लोकेश गायकवाड़, महामंत्री संजय सिंह ठाकुर, मीडिया प्रभारी रामदेव कौशिक, सचिव हीरा नेताम सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित रहे।

 

संभावित असर:

22 अगस्त को प्रस्तावित हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिल सकता है। शासकीय दफ्तरों के साथ-साथ शालाओं में भी कामकाज पूरी तरह ठप रहने की संभावना है। आम जनता को विभिन्न सेवाओं के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

Related Post

Hg