Anp news दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में राजभाषा को लेकर मंथन, हिंदी कार्यशाला में दिखा उत्साह

Anp news live Bilaspur दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के मुख्यालय बिलासपुर में मंगलवार को राजभाषा हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन और कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक दिवसीय हिंदी कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के जोनल राजभाषा विभाग द्वारा आयोजित की गई, जिसमें रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर हिंदी के प्रयोग को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प लिया।

यह कार्यशाला बिलासपुर स्थित जोनल सभाकक्ष में आयोजित हुई, जहां दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे मुख्यालय तथा नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, बिलासपुर से जुड़े विभिन्न कार्यालयों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यशाला का आयोजन मुख्य राजभाषा अधिकारी एवं प्रधान वित्त सलाहकार मो. जावेद मज़हर के मार्गदर्शन में किया गया।

कार्यक्रम में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे मुख्यालय और नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, बिलासपुर के अंतर्गत आने वाले 28 कार्यालयों के राजभाषा नोडल कर्मचारियों के साथ-साथ प्रशासनिक एवं अनुसचिवीय कार्यों से जुड़े कार्मिकों ने भाग लिया। हिंदी के प्रचार-प्रसार और सरकारी कार्यों में इसके व्यावहारिक उपयोग को लेकर आयोजित इस कार्यशाला में प्रतिभागियों को राजभाषा नीति से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।

कार्यशाला के प्रारंभ में मुख्य वक्ता एवं मुख्यालय राजभाषा अधिकारी पीताम्बर लाल जाटवर ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि प्रधान कार्यालय में कार्यरत प्रत्येक कर्मचारी के लिए दो वर्षों में कम से कम एक बार हिंदी कार्यशाला में भाग लेना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हिंदी केवल राजभाषा ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक कार्यों को सरल और प्रभावी बनाने का माध्यम भी है।

उन्होंने गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग द्वारा जारी वार्षिक कार्यक्रम, राजभाषा नीति, राजभाषा नियमों तथा प्रोत्साहन योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। साथ ही संसदीय राजभाषा समिति के निरीक्षण के दौरान आने वाली चुनौतियों और राजभाषा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों पर भी सारगर्भित चर्चा की गई। कार्यशाला में उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी अपनी जिज्ञासाएं रखीं, जिनका विस्तारपूर्वक समाधान किया गया।

इस अवसर पर हिंदी में सरकारी कार्यों के निष्पादन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक उपायों पर चर्चा की गई। प्रतिभागियों को कार्यालयीन पत्राचार, नोटशीट, रिपोर्ट लेखन तथा डिजिटल माध्यमों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग के लिए प्रेरित किया गया। कार्यशाला के दौरान अधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार की मंशा के अनुरूप सभी विभागों में हिंदी के उपयोग को बढ़ावा देना प्राथमिकता है और इसके लिए नियमित प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आवश्यक हैं।

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि राजभाषा हिंदी का प्रयोग बढ़ाने से आम जनता और प्रशासन के बीच संवाद और अधिक सरल एवं प्रभावी बनता है। रेलवे जैसे बड़े सार्वजनिक संस्थान में हिंदी के व्यापक उपयोग से यात्रियों और कर्मचारियों दोनों को सुविधा मिलती है। यही कारण है कि समय-समय पर इस प्रकार की कार्यशालाओं का आयोजन किया जाता है ताकि कर्मचारियों को नवीन दिशा-निर्देशों और प्रक्रियाओं की जानकारी मिल सके।

इस एक दिवसीय कार्यशाला में जोनल रेलवे सहित विभिन्न केंद्रीय कार्यालयों के कुल 59 अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों में विशेष उत्साह देखने को मिला और सभी ने हिंदी के प्रभावी उपयोग के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

कार्यशाला का संचालन पुषोत्तम कुमार गवेल ने किया, जबकि अंत में धन्यवाद ज्ञापन मुख्यालय राजभाषा अधिकारी पीताम्बर लाल जाटवर द्वारा प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का समापन हिंदी के व्यापक प्रचार-प्रसार और प्रशासनिक कार्यों में इसके अधिकाधिक प्रयोग के संकल्प के साथ हुआ।

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