अवैध वसूली और फाइनेंस कंपनियों के खिलाफ शिवसेना ने सौंपा ज्ञापन, गरीबों के शोषण पर जताई चिंता

कोंडागांव, 27 मई 2026 | शिवसेना बस्तर संभाग इकाई ने निजी बैंक एवं फाइनेंस कंपनियों द्वारा आम नागरिकों के साथ कथित आर्थिक शोषण, अवैध वसूली और दबावपूर्ण कार्रवाई के विरोध में मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन के माध्यम से शिवसेना ने गरीब एवं मजदूर वर्ग के लोगों को राहत दिलाने तथा फाइनेंस कंपनियों की कार्यप्रणाली की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।

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शिवसेना के अनुसार बस्तर संभाग में कई निजी बैंक और फाइनेंस कंपनियां ग्रामीण एवं गरीब परिवारों को आसान लोन का लालच देकर ऊंची ब्याज दरों पर ऋण दे रही हैं। समय पर किश्त जमा नहीं होने पर एजेंटों द्वारा लोगों के घर पहुंचकर दबाव बनाया जाता है तथा कई मामलों में बाइक, ट्रैक्टर, टीवी, कूलर सहित घरेलू सामान जब्त किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं।

 

ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि फाइनेंस कंपनियों के रिकवरी एजेंट देर रात तक लोगों के घर पहुंचकर मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हैं, जिससे गरीब परिवार तनाव और भय में जीवन जीने को मजबूर हैं। शिवसेना ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों का सिबिल (CIBIL) खराब होने के कारण उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है।

 

शिवसेना ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि निजी बैंकों एवं फाइनेंस कंपनियों की कार्यप्रणाली की जांच कराई जाए, अवैध वसूली करने वाले एजेंटों पर कड़ी कार्रवाई हो तथा बिना वैधानिक प्रक्रिया किसी का सामान जब्त करने पर रोक लगाई जाए। साथ ही गरीब और जरूरतमंद लोगों को किश्त जमा करने के लिए राहत अवधि देने और खराब सिबिल सुधार हेतु विशेष योजना लागू करने की भी मांग की गई है।

 

शिवसेना संभाग अध्यक्ष राज गावड़े एवं जिला अध्यक्ष अभय गायकवाड़ ने कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो बस्तर संभाग में व्यापक आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

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