Anp News Live सिंहतराई पावर प्लांट हादसे को लेकर वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने गहरा दुख व्यक्त किया है। 27 अप्रैल 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किए गए अपने भावुक संदेश में उन्होंने इस वर्ष को अपने जीवन का सबसे कठिन दौर बताया।
अनिल अग्रवाल ने कहा कि इस साल की शुरुआत में उन्होंने अपने बेटे को खोया और इसके बाद 14 अप्रैल को सिंहतराई पावर प्लांट में हुए बॉयलर हादसे ने 25 लोगों की जान ले ली, जिससे वे व्यक्तिगत और पेशेवर रूप से बेहद आहत हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी असामयिक घटनाएं बेहद पीड़ादायक होती हैं, जिनकी कल्पना करना भी मुश्किल है।
उन्होंने अपने बयान में स्पष्ट किया कि संबंधित एथेना प्लांट में सभी सुरक्षा मानकों और प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन किया जा रहा था। प्लांट के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी एनजीएसएल को सौंपी गई थी, जो एनटीपीसी लिमिटेड और जनरल इलेक्ट्रिक के बीच साझेदारी है। अनुभवी टीमों और स्थापित सुरक्षा प्रणालियों के बावजूद यह हादसा हो जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
अग्रवाल ने कहा कि यह घटना इस बात को दर्शाती है कि कभी-कभी सभी सावधानियों के बावजूद भी अप्रत्याशित दुर्घटनाएं हो सकती हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे कोई वाहन मालिक अपने वाहन को भरोसेमंद चालक को सौंपता है और सुरक्षित संचालन की उम्मीद करता है, ठीक उसी तरह इस प्लांट का संचालन भी भरोसेमंद संस्थाओं को सौंपा गया था।
उन्होंने वेदांता की ओर से यह भी आश्वासन दिया कि कंपनी प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और आगे भी सुरक्षा, देखभाल और जिम्मेदारी के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध रहेगी।
अपने संदेश में अनिल अग्रवाल ने हादसे में जान गंवाने वाले सभी 25 लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वेदांता परिवार इस दुख की घड़ी में शोक संतप्त परिवारों के साथ है।
यह बयान सामने आने के बाद एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा और जवाबदेही को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
