कोंडागांव, 23 अप्रैल 2026। गोंडवाना समाज समन्वय समिति, जिला कोंडागांव और एसडीएम के बीच आयोजित बैठक में समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक को दोनों पक्षों ने सार्थक और महत्वपूर्ण बताया, हालांकि भूमि विवाद के मुद्दे पर समाज ने अपना रुख स्पष्ट और कड़ा रखा।
बैठक में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में समाज के पदाधिकारी, पारंपरिक व्यवस्था से जुड़े गायता, पुजार्क तथा केशकाल, बड़ेराजपुर, माकड़ी, फरसगांव और कोंडागांव ब्लॉक के प्रतिनिधि शामिल हुए। सभी ने एकमत होकर समाज के निर्णय का समर्थन किया।
समाज के प्रतिनिधियों ने गोंडवाना भवन के पीछे स्थित भूमि को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए बताया कि उक्त स्थान पर वर्षों से “पेन” स्थल स्थापित है, जो गोंडवाना समाज की आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक पहचान का प्रमुख केंद्र है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल भूमि नहीं, बल्कि समाज की धार्मिक भावनाओं से जुड़ा संवेदनशील विषय है।
बैठक के दौरान यह मुद्दा भी सामने आया कि प्रशासन द्वारा न्यायालय के आवासीय परिसर एवं आवागमन मार्ग के निर्माण के लिए उक्त भूमि पर हस्तक्षेप का प्रयास किया जा रहा है। इस पर समाज ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि बुमकाल में पारित प्रस्ताव के अनुसार समाज अपनी भूमि का एक इंच भी देने को तैयार नहीं है।
समाज के पदाधिकारियों ने प्रशासन से मांग की कि इस आस्था स्थल को यथावत सुरक्षित रखा जाए और किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप न किया जाए। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि निर्णय लेते समय समाज की धार्मिक भावनाओं और परंपराओं का पूरा सम्मान किया जाए।
बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच सकारात्मक संवाद हुआ, लेकिन गोंडवाना समाज अपने फैसले पर पूरी तरह अडिग नजर आया। अंत में समिति ने प्रशासन से संवेदनशीलता के साथ इस मामले में विचार करने की अपील की।
