मरवाही/प्रयास कैवर्त
जलवायु परिवर्तन और गिरते भू-जल स्तर की चुनौती से निपटने के लिए जनपद पंचायत मरवाही अंतर्गत 71 ग्राम पंचायतों में व्यापक स्तर पर "सुरक्षित जलवायु अभियान" संचालित किया जा रहा है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश राउटे के मार्गदर्शन में जल संरक्षण एवं संवर्धन के विभिन्न कार्यों को प्राथमिकता के साथ क्रियान्वित किया जा रहा है।
अभियान के तहत इस वर्ष 156 आजीविका डबरी एवं 9 नवीन तरिया (तालाब) का निर्माण किया जा रहा है। इन संरचनाओं का उपयोग स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा मछली पालन के लिए किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर विकसित होंगे तथा महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाते हुए "लखपति दीदी" बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
जल संरक्षण के इन कार्यों से लगभग 4 लाख 57 हजार क्यूबिक मीटर जल संग्रहण की क्षमता विकसित होगी, जिससे भू-जल स्तर में वृद्धि के साथ-साथ कृषि एवं पेयजल की उपलब्धता को भी मजबूती मिलेगी।इसके अतिरिक्त अभियान के अंतर्गत 40 रिचार्ज पिट, 30 गेवियन स्ट्रक्चर, 108 कुएं एवं 28 तालाब गहरीकरण कार्य किए जा रहे हैं।
वहीं, 5 स्थानों पर कंटूर ट्रेंच निर्माण के तहत लगभग 11 हजार गड्ढों का निर्माण किया जा रहा है। इन कार्यों से वर्षा जल का अधिकतम संचयन संभव होगा तथा मिट्टी के कटाव को रोकने में भी मदद मिलेगी।विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सभी अमृत सरोवरों में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने के लिए प्रेरित किया गया।
जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और ग्रामीण आजीविका को एक साथ जोड़ने वाला यह अभियान मरवाही क्षेत्र में सतत विकास एवं जल सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
