बीएमसी कैंसर कॉन्क्लेव में जुटे देश-विदेश के विशेषज्ञ, सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन कार्यक्रम शुरू

ANP NEWS LIVE मध्य भारत में कैंसर उपचार के प्रमुख केंद्र बालको मेडिकल सेंटर (बीएमसी) की ओर से चौथे बीएमसी छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव का आयोजन नया रायपुर के मेफेयर लेक रिजॉर्ट में किया जा रहा है। 18 से 20 सितंबर तक चलने वाले इस तीन दिवसीय आयोजन में देश और विदेश के कैंसर विशेषज्ञ, चिकित्सक, शोधकर्ता तथा स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ शामिल हुए हैं।

कॉन्क्लेव के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल और स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, आईएएस भी मौजूद रहे।

सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम और शुरुआती जांच पर जोर

इस कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम और बीमारी की शुरुआती पहचान से जुड़े प्रयासों को मजबूत करना है। इसके जरिए जमीनी स्तर पर महिलाओं तक जांच और जागरूकता की सुविधाएं पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम संभव है। उन्होंने सर्वाइकल कैंसर मुक्त छत्तीसगढ़ और इसके माध्यम से कैंसर मुक्त भारत की दिशा में आगे बढ़ने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने बीएमसी के वार्षिक कॉन्क्लेव को कैंसर उपचार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण आयोजन बताया।

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भी देश और दुनिया के विशेषज्ञों के एक मंच पर आने को महत्वपूर्ण बताया।

सही उपचार विकल्पों पर विशेषज्ञों की चर्चा

इस वर्ष कॉन्क्लेव की थीम ‘कैंसर उपचार में संतुलन की पुनर्स्थापना’ रखी गई है। कार्यक्रम में स्तन कैंसर, स्त्री रोग संबंधी कैंसर और मूत्र-जनन तंत्र से जुड़े कैंसर के उपचार पर विशेष चर्चा की जा रही है।

विशेषज्ञों ने मरीज की स्थिति के अनुसार सही उपचार चुनने, वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर निर्णय लेने, मरीज-केंद्रित इलाज, उपचार को अधिक सुलभ और किफायती बनाने तथा कैंसर की रोकथाम पर विचार साझा किए।

बीएमसी ने एकैन्सर, टाटा मेमोरियल सेंटर और नेशनल कैंसर ग्रिड के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में 20 से अधिक विशेषज्ञ पैनल चर्चाएं, सजीव सर्जिकल प्रदर्शन और विभिन्न कार्यशालाएं आयोजित की हैं।

11 अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ भी शामिल

कॉन्क्लेव में 500 से अधिक राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय विशेषज्ञों के साथ 11 अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। इसमें सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ, शोधकर्ता और स्वास्थ्यकर्मी भी शामिल हैं। विभिन्न सत्रों में कैंसर उपचार की नई तकनीकों, शोध और मरीजों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के तरीकों पर चर्चा हो रही है।

डॉ. रवि कन्नन को सम्मान

कैंसर उपचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए बीएमसी ने वेदावती अग्रवाल ऑरेशन अवॉर्ड से डॉ. रवि कन्नन को सम्मानित किया। उन्हें समान अवसर वाली और गुणवत्तापूर्ण कैंसर देखभाल को आगे बढ़ाने में योगदान के लिए यह सम्मान दिया गया।

यह अवॉर्ड वेदांता मेडिकल रिसर्च फाउंडेशन की चेयरपर्सन श्रीमती ज्योति अग्रवाल ने अपनी माता तथा वेदांता के चेयरमैन श्री अनिल अग्रवाल की माता स्वर्गीय श्रीमती वेदावती अग्रवाल की स्मृति में शुरू किया है।

घर के करीब कैंसर उपचार उपलब्ध कराने पर जोर

बीएमसी की मेडिकल डायरेक्टर डॉ. भावना सिरोही ने कहा कि कैंसर की रोकथाम बीमारी का बोझ कम करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि केवल दूरी की वजह से किसी मरीज को बेहतर उपचार से वंचित नहीं होना चाहिए।

उन्होंने बताया कि बीएमसी का उद्देश्य मध्य भारत में ऐसी कैंसर देखभाल व्यवस्था विकसित करना है, जहां मरीजों को अपने आसपास ही रोकथाम, जांच, निदान, उपचार, पुनर्वास और अन्य सहायक सुविधाएं मिल सकें।

महिलाओं के कैंसर उपचार पर विशेष ध्यान

कॉन्क्लेव में महिलाओं से जुड़े कैंसर के उपचार और रोकथाम पर विशेष चर्चा की गई। बीएमसी की ओर से एचपीवी टीकाकरण और आसान स्व-जांच जैसी पहलों के माध्यम से सरकारी प्रयासों में सहयोग की जानकारी दी गई।

बीएमसी में उन्नत इंटरस्टिशियल ब्रैकीथेरेपी की सुविधा भी शुरू की गई है, जिसका उपयोग सर्वाइकल कैंसर के उन्नत मामलों के उपचार में किया जा रहा है।

इसके अलावा महिलाओं की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बीएमसी में नया स्तन स्वास्थ्य क्लिनिक शुरू किया गया है, जिसे महिला कैंसर विशेषज्ञों की टीम संचालित करती है। इसका उद्देश्य महिलाओं को जांच और परामर्श के लिए सहज और सहयोगपूर्ण वातावरण उपलब्ध कराना है।

स्थानीय जरूरतों के अनुसार शोध जरूरी

बीएमसी के कंसल्टेंट सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. दिवाकर पांडे ने कहा कि कैंसर के बेहतर और टिकाऊ उपचार के लिए शोध महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि युवा कैंसर विशेषज्ञ स्थानीय मरीजों और समुदायों की जरूरतों से जुड़े शोध में भाग ले रहे हैं। ऐसे शोध से स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप प्रभावी और किफायती उपचार रणनीतियां तैयार करने में मदद मिल सकती है।

महिला विशेषज्ञों के लिए भी विशेष मंच

कॉन्क्लेव के दौरान वूमेन फॉर ऑन्कोलॉजी (W4O) कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य महिला कैंसर विशेषज्ञों के बीच सहयोग, मार्गदर्शन और नेतृत्व को बढ़ावा देना है।

इसके साथ ही बीएमसी की ओर से ‘कैनवास फॉर ए लाइफ’ कला एवं विरासत प्रदर्शनी भी लगाई गई। प्रदर्शनी से प्राप्त सहयोग को बीएमसी चैरिटेबल फंड के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों के उपचार, जांच, पोषण, आवास और अन्य जरूरी सहायता में उपयोग किया जाएगा।

तीन दिवसीय कॉन्क्लेव का उद्देश्य कैंसर की रोकथाम, शुरुआती पहचान और बेहतर उपचार को लेकर विशेषज्ञों के बीच ज्ञान और अनुभव साझा करना तथा क्षेत्र में कैंसर देखभाल को और मजबूत करना है।

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