कोंडागांव, 10 अगस्त। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर सोमवार को जिलेभर में 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों को कृमिनाशक दवा एल्बेंडाजोल की सिंगल डोज खिलाई गई। जिला स्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ विकासखंड कोंडागांव के सेक्टर बुनागांव अंतर्गत डीएवी विद्यालय देवखरगांव में किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि विधायक सुश्री लता उसेंडी ने बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाकर अभियान की शुरुआत की। इस दौरान 462 बच्चों को दवा खिलाई गई।
कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों एवं स्कूलों में शत-प्रतिशत बच्चों को दवा खिलाने के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.के. चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, शिक्षकों, मितानिनों एवं स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले को अभियान के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया।
विधायक लता उसेंडी ने बच्चों को बताया कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान के तहत एल्बेंडाजोल की सिंगल डोज वर्ष में दो बार, छह-छह माह के अंतराल में खिलाई जाती है। कृमि संक्रमण से बच्चों के शारीरिक एवं बौद्धिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, इसलिए निर्धारित आयु वर्ग के सभी बच्चों को दवा खिलाना आवश्यक है।
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. प्रतीक चौधरी ने बताया कि कृमि संक्रमण के कारण पेट दर्द, थकान, सुस्ती, चिड़चिड़ापन, स्मरण शक्ति में कमी, खून की कमी तथा त्वचा में सूखापन जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इसी उद्देश्य से जिले में 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों को अभियान के तहत दवा खिलाई जा रही है। आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के साथ शाला त्यागी बच्चों को भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं मितानिनों द्वारा दवा दी जा रही है, जबकि स्कूलों में शिक्षकों की निगरानी में दवा खिलाई जा रही है।
अभियान की निगरानी के लिए ब्लॉक एवं जिला स्तर पर अधिकारियों-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। जो बच्चे 10 अगस्त को किसी कारणवश दवा नहीं ले पाएंगे, उन्हें 17 अगस्त को मॉप-अप राउंड के दौरान एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई जाएगी।
स्वास्थ्य टीम द्वारा बच्चों को दवा खिलाने के साथ कृमि संक्रमण से बचाव, व्यक्तिगत स्वच्छता एवं संतुलित खान-पान के संबंध में भी जानकारी दी जा रही है। बच्चों को भोजन करने से पहले तथा शौच के बाद साबुन से हाथ अच्छी तरह धोने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में संभाग अध्यक्ष दीपेश अरोरा, ऋषभ देवांगन, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.के. चतुर्वेदी, विकासखंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरेंद्र बघेल, सेक्टर प्रभारी डॉ. सोनल ध्रुव, महामारी विशेषज्ञ झम्मन वर्मा, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक सरिता पटेल, भूपेश नायक, विद्यालय के प्राचार्य एन.एन. राय सहित शिक्षकगण, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, मितानिन एवं बड़ी संख्या में बच्चे उपस्थित रहे।
