महराजगंज जिला अस्पताल में मरीजों को एक रुपये की पर्ची पर इलाज, जांच और दवाओं जैसी सरकारी सुविधाएं मिलने का दावा है, लेकिन अस्पताल परिसर में पहुंचते ही वाहन पार्क करने के नाम पर मरीजों और तीमारदारों को अतिरिक्त शुल्क देना पड़ रहा है। बाइक खड़ी करने के लिए 10 रुपये की वसूली को लेकर मरीजों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि बीमारी से परेशान परिवारों पर पार्किंग शुल्क का यह बोझ अस्पताल प्रबंधन की व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
अस्पताल परिसर में पार्किंग व्यवस्था का ठेका दिया गया है। आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से साइकिल के पांच, बाइक के दस और कार के 30 रुपये लिए जा रहे हैं। खास बात यह है कि पार्किंग शुल्क से बचने के लिए कई लोग मुख्य गेट अथवा सड़क किनारे वाहन खड़ा कर रहे हैं। इससे अस्पताल के प्रवेश मार्ग पर अव्यवस्था बढ़ रही है और व्यस्त समय में मरीजों व एंबुलेंस के आवागमन में भी परेशानी हो रही है।
शुल्क से बचने के चक्कर में गेट पर खड़े हो रहे वाहन
पार्किंग की व्यवस्था मरीजों की सुविधा और वाहनों की सुरक्षा के लिए की गई है, लेकिन शुल्क निर्धारण और उसकी वसूली को लेकर अस्पताल प्रबंधन ने मरीजों की परेशानी को नजरअंदाज कर दिया है। नतीजा यह है कि निर्धारित पार्किंग स्थल खाली रहने के बजाय अस्पताल के मुख्य गेट और आसपास सड़क पर वाहन खड़े होने लगे हैं। इससे जिस व्यवस्था को सुविधा के लिए बनाया गया था, वही मरीजों के लिए परेशानी का कारण बनती दिखाई दे रही है।
दूधबारी निवासी सुभाष बच्चे का इलाज कराने जिला अस्पताल पहुंचे थे। उनका कहना था कि गरीब परिवार बीमारी के इलाज के लिए अस्पताल आते हैं। ऐसे में वाहन खड़ा करने के लिए अलग से शुल्क देना अतिरिक्त बोझ है। वहीं नोनिया निवासी नंदप्रसाद पत्नी का उपचार कराने पहुंचे थे। उनका आरोप है कि पार्किंग शुल्क को लेकर कर्मियों से विवाद की स्थिति बन जाती है।
टेंडर का हवाला देकर जिम्मेदारी से बच रहा प्रबंधन
पार्किंग शुल्क को लेकर अस्पताल प्रशासन का कहना है कि पार्किंग का टेंडर नियमानुसार किया गया है। सीएमएस डॉ. एके द्विवेदी के अनुसार वाहनों की सुरक्षा और चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने के उद्देश्य से पार्किंग स्थल बनाया गया है।
हालांकि सवाल यह है कि मरीजों की सुविधा के लिए संचालित सरकारी अस्पताल में पार्किंग व्यवस्था ऐसी क्यों नहीं बनाई गई, जिससे मरीजों और तीमारदारों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े और अस्पताल के मुख्य गेट पर वाहनों की अव्यवस्था भी न हो। मरीजों की मांग है कि उपचार कराने आने वाले लोगों के लिए पार्किंग शुल्क कम किया जाए या इसे निशुल्क किया जाए।
