रेलवे स्टेशन सौंदर्यीकरण को मिली रफ्तार, सड़क निर्माण में बाधक पुराना मस्जिद हटाया गया

रायगढ़। रेलवे स्टेशन के बहुप्रतीक्षित सौंदर्यीकरण एवं पुनर्विकास कार्य के तहत बुधवार तड़के रेलवे प्रशासन ने स्टेशन परिसर में सड़क निर्माण में बाधक बने एक पुराने मस्जिद को हटाने की कार्रवाई की। यह अभियान रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) तथा स्थानीय पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। कार्रवाई के बाद सड़क निर्माण का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।

रेलवे स्टेशन पर पिछले तीन वर्षों से यात्री सुविधाओं के विस्तार, यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और स्टेशन परिसर को आधुनिक स्वरूप देने का कार्य चल रहा है। इसी योजना के तहत नई सड़क का निर्माण प्रस्तावित था, लेकिन परिसर के भीतर स्थित पुराना मस्जिद निर्माण कार्य में बाधा बन रहा था। रेलवे प्रशासन ने पूर्व में संबंधित पक्षों को कई बार नोटिस जारी कर सार्वजनिक हित में स्थल खाली करने का आग्रह किया था, लेकिन समाधान नहीं निकलने पर प्रशासन ने नियमानुसार कार्रवाई की।

बुधवार सुबह तड़के पुलिस बल की मौजूदगी में मस्जिद को हटाया गया। इसके बाद मलबे को भी तत्काल हटाकर निर्माण स्थल खाली करा दिया गया, जिससे अब सड़क निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद है। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि परियोजना पूरी होने के बाद यात्रियों को बेहतर आवागमन, सुव्यवस्थित यातायात और आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा।

सुबह पहुंचे लोग तो बदल चुका था पूरा नजारा

कार्रवाई की जानकारी सुबह उस समय सामने आई, जब मस्जिद के मौलाना और आसपास दुकान संचालित करने वाले लोग मौके पर पहुंचे। रात तक मौजूद ढांचा पूरी तरह हट चुका था, जिसे देखकर वे आश्चर्यचकित रह गए। दिनभर इस कार्रवाई को लेकर स्टेशन परिसर और शहर में चर्चा होती रही। जहां कई लोगों ने सड़क निर्माण का रास्ता साफ होने पर राहत जताई, वहीं मस्जिद और दुकानों से जुड़े लोगों में नाराजगी भी दिखाई दी।

अब पेड़ को लेकर शुरू हुई नई चर्चा

मस्जिद हटने के बाद अब स्टेशन परिसर में मौजूद एक पुराने पेड़ को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सड़क निर्माण के बीच स्थित इस पेड़ को यथास्थान छोड़ दिया गया, तो भविष्य में वहां धार्मिक गतिविधियां शुरू होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, इस संबंध में रेलवे प्रशासन की ओर से अभी कोई आधिकारिक निर्णय सामने नहीं आया है।

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