चुपना गांव में यूरिया खाद संकट गहराया, ठंड में सुबह 5 बजे से लगी किसानों की लंबी कतारें
किसानों ने कहा “अगर सरकार ने नहीं सोचा, तो आने वाले चुनावों का बहिष्कार करने पर मजबूर होंगे”
अरनोद उपखंड के चुपना गांव में यूरिया खाद की भारी किल्लत के कारण किसानों की परेशानियाँ लगातार बढ़ती जा रही हैं। खाद आने की सूचना पर मंगलवार सुबह लेम्प पर कड़ाके की ठंड में भी किसान सुबह 5 बजे से ही लाइन में लग गए। बताया जा रहा है कि उस समय तक 100 से अधिक किसान कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतज़ार कर रहे थे।
किसान अनिल ने बताया कि “मौसम की मार से फसल पहले ही कमजोर हो चुकी है, ऐसे में खाद की कमी ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। सुबह 5 बजे ही लाइन लगानी पड़ी, नहीं तो खाद मिलने की उम्मीद ही खत्म हो जाती।”
किसानों में बढ़ते आक्रोश का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि कई किसानों ने स्पष्ट कहा है कि अगर सरकार ने समय रहते खाद की व्यवस्था नहीं की और किसान हितों पर ध्यान नहीं दिया,
तो वे आगामी चुनावों का बहिष्कार करने पर विचार करने को मजबूर हो जाएंगे।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और कृषि विभाग को तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए, अन्यथा हालात और बिगड़ सकते हैं। किसान चाहते हैं कि उन्हें समय पर खाद मिले, ताकि वे अपनी फसलों को बचा सकें और आने वाले दिनों में आर्थिक संकट से बच सकें।
