कोंडागांव, 12 मई 2026 | जिले के माकड़ी ब्लॉक में मजदूरों से सरकारी योजनाओं और पंजीयन के नाम पर अवैध रूप से पैसे वसूलने का एक गंभीर मामला सामने आया है। राजमिस्त्री एवं मजदूर कल्याण संघ (जिला-कोंडागांव) ने इस संबंध में जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को औपचारिक शिकायत सौंपी है।
योजनाओं के नाम पर ठगी का आरोप
शिकायत पत्र के अनुसार, 'छ.ग. मजदूर शक्ति संघ बिलासपुर' नामक संस्था के कुछ व्यक्ति स्वयं को श्रम विभाग का अधिकारी बताकर भोले-भले ग्रामीणों को ठग रहे हैं।
मुख्य आरोप निम्नलिखित हैं:
अवैध वसूली: ग्राम खुड़ी, धवड़ामाल और पीढ़ापाल के श्रमिकों से मजदूर पंजीयन और योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर ₹500-₹500 की नकद राशि ली गई है।
बड़ी रकम की मांग: कुछ क्षेत्रों में 'मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण' और 'मजदूर मृत्यु सहायता योजना' के तहत ₹50,000 की राशि दिलाने के नाम पर मोटी रकम की मांग की गई है।
बिना रसीद का लेनदेन: पैसे लेने के बाद श्रमिकों को किसी भी प्रकार की आधिकारिक रसीद या पावती नहीं दी जा रही है।
मुख्य व्यक्ति की पहचान
संघ ने अपनी शिकायत में सुनील रत्नाकर (निवासी जांजगीर-चांपा) का नाम प्रमुखता से लिया है। आरोप है कि सुनील रत्नाकर और उसके साथी शनिवार एवं रविवार को गांवों में 'मोबाइल कैंप' लगाकर खुद को विभागीय अधिकारी बताते हैं। 8 मई 2026 को फरसगांव में आयोजित एक सम्मेलन के दौरान विरोध करने पर स्थानीय संघ के सदस्यों को धमकी देने का भी आरोप है।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
राजमिस्त्री एवं मजदूर कल्याण संघ ने स्पष्ट किया है कि शासन और श्रम विभाग द्वारा आयोजित शिविरों में पंजीयन और आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह नि:शुल्क होती है।
संघ ने कलेक्टर से मांग की है कि:
1. बाहरी जिले से आकर अवैध वसूली करने वाली इस संस्था की तत्काल जांच की जाए।
2. दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
3. भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उचित निर्देश जारी किए जाएं।
