हथियार छोड़ हुनर की राह पर लौटे आत्मसमर्पित युवा, इलेक्ट्रीशियन प्रशिक्षण से संवर रही नई जिंदगी

कोंडागांव, 14 अप्रैल 2026। जिले में राज्य शासन की पुनर्वास नीति के सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से सामने आने लगे हैं। कभी हिंसा के रास्ते पर भटके युवा अब मुख्यधारा में लौटकर कौशल विकास के जरिए आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।

Uploaded Image

जिला प्रशासन द्वारा संचालित पुनर्वास केंद्र में रह रहे ग्राम कुधुर के तुलसी राम, रजमन और गोबरू इन दिनों लाइवलीहुड कॉलेज के माध्यम से इलेक्ट्रीशियन ट्रेड का प्रशिक्षण ले रहे हैं। करीब दो माह के इस प्रशिक्षण में अब तक 15 दिन पूरे हो चुके हैं, जिसमें उन्हें वायरिंग सहित तकनीकी कार्यों की जानकारी दी जा रही है।

 

तुलसी राम कश्यप ने बताया कि पहले क्षेत्र में भय और असुरक्षा के माहौल के कारण वे भटक गए थे, लेकिन राज्य शासन की पुनर्वास नीति से प्रेरित होकर आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। अब वे प्रशिक्षण लेकर अपने गांव में स्वरोजगार के रूप में वायरिंग कार्य शुरू करना चाहते हैं।

 

इसी तरह रजमन और गोबरू ने भी आत्मसमर्पण कर नई शुरुआत की है। दोनों का कहना है कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद वे अपने गांव में रोजगार स्थापित कर परिवार का भरण-पोषण करेंगे।

 

तीनों युवाओं ने सरकार की पहल पर संतोष जताते हुए कहा कि इस योजना ने उन्हें नया जीवन शुरू करने का अवसर दिया है। पहले जहां अस्थिरता और भय का माहौल था, वहीं अब वे सुरक्षित वातावरण में अपने भविष्य को संवारने में जुटे हैं।

 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले व्यक्तियों को कौशल विकास, रोजगार और आजीविका के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जिला प्रशासन का पुनर्वास केंद्र इस दिशा में अहम भूमिका निभा रहा है, जहां भटके युवाओं को प्रशिक्षण और मार्गदर्शन देकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।

Related Post