शादियाबाद (गाजीपुर)।
थाना शादियाबाद क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय हुसैनपुर बसेवा में शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां एक ओर विद्यालय को बच्चों के भविष्य निर्माण और संस्कार का केंद्र माना जाता है, वहीं दूसरी ओर उसी शिक्षा के मंदिर में अश्लीलता की सारी हदें पार कर दी गईं। प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव निवासी कैलाश पाल की माता की तेरहवीं कार्यक्रम के दौरान प्राथमिक विद्यालय परिसर में अश्लील नृत्य और डांस कार्यक्रम का आयोजन कराया गया।
बताया जा रहा है कि विद्यालय परिसर में देर रात तक तेज आवाज में गाने बजते रहे और छोटे-छोटे कपड़े पहने बालाएं खुलेआम ठुमके लगाती रहीं। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह शिक्षा के मंदिर की गरिमा को तार-तार किया गया। यह दृश्य न सिर्फ शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों और विद्यालय प्रशासन की कार्यशैली पर भी गंभीर प्रश्नचिन्ह लगाता है।
सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर विद्यालय परिसर में इस तरह के कार्यक्रम की अनुमति किसके आदेश पर दी गई? क्या विद्यालय के प्रधानाध्यापक को शासन-प्रशासन का तनिक भी भय नहीं रहा? प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार शिक्षा संस्थानों की मर्यादा बनाए रखने और अनुशासन कायम रखने की बात करते हैं, बावजूद इसके विद्यालय परिसर में इस तरह का अशोभनीय आयोजन होना कई सवाल खड़े करता है।
गाजीपुर जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला के सख्त निर्देशों के बावजूद शिक्षा के मंदिर में इस तरह का कार्यक्रम होना प्रशासनिक लापरवाही को भी उजागर करता है। ग्रामीणों और अभिभावकों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि जहां छोटे-छोटे बच्चे पढ़ाई कर अपने भविष्य के सपने देखते हैं, वहां इस प्रकार के अश्लील कार्यक्रम समाज और शिक्षा दोनों के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कार्रवाई करता है और विद्यालय की गरिमा को ठेस पहुंचाने वालों पर क्या कदम उठाए जाते हैं।
