सावन की फुहार में खिला सिवनी का रंग, 25 महिलाओं ने बिखेरा हुनर; लकी ड्रा में सविता गुप्ता बनीं सावन सुंदरी

सावन की फुहार में खिला सिवनी का रंग, 25 महिलाओं ने बिखेरा हुनर; लकी ड्रा में सविता गुप्ता बनीं सावन सुंदरी

सिवनी/अवास कैवर्त

सिवनी:- सावन के पावन और खुशनुमा माहौल में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के सिवनी में महिलाओं की प्रतिभा, छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति और पारंपरिक परंपराओं का खूबसूरत संगम देखने को मिला। सावन माह के अवसर पर आयोजित सावन सुंदरी प्रतियोगिता में क्षेत्र की 25 महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं ने अपनी प्रतिभा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में मौजूद लोगों का मन मोह लिया।

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कार्यक्रम की शुरुआत से ही सावन की उमंग और उत्साह का माहौल देखने को मिला। महिलाओं ने पारंपरिक छत्तीसगढ़ी परिधान में सजकर लोक संस्कृति की झलक प्रस्तुत की। लोक नृत्य, सावन से जुड़ी परंपराओं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को और भी आकर्षक बना दिया। प्रतिभागियों में अपनी प्रतिभा दिखाने को लेकर खासा उत्साह नजर आया।

सावन सुंदरी प्रतियोगिता ने महिलाओं को केवल मनोरंजन और प्रतियोगिता का मंच ही नहीं दिया, बल्कि उन्हें अपनी कला, आत्मविश्वास और सांस्कृतिक जुड़ाव को प्रदर्शित करने का अवसर भी दिया। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के बीच आपसी मेल-जोल और सामाजिक सहभागिता की भावना भी देखने को मिली। उपस्थित लोगों ने प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाते हुए सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लिया।

प्रतियोगिता के समापन पर विजेता के चयन के लिए लकी ड्रा का आयोजन किया गया। लकी ड्रा में सविता पति संजय गुप्ता के नाम की पर्ची निकली। इसके बाद सविता गुप्ता को सावन सुंदरी प्रतियोगिता का विजेता घोषित किया गया। विजेता के नाम की घोषणा होते ही कार्यक्रम स्थल पर खुशी की लहर दौड़ गई और उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका उत्साहवर्धन किया।

आयोजकों ने कहा कि सावन सुंदरी जैसे आयोजन महिलाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए बेहतर मंच प्रदान करते हैं। साथ ही ऐसे कार्यक्रम छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति, पारंपरिक वेशभूषा, लोक नृत्य और सामाजिक परंपराओं को संरक्षित करने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

सिवनी में आयोजित इस कार्यक्रम में सावन की हरियाली, लोक संस्कृति की खुशबू और महिलाओं के उत्साह का ऐसा संगम देखने को मिला, जिसने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया। प्रतियोगिता में महिलाओं की बड़ी भागीदारी ने यह संदेश भी दिया कि जब प्रतिभा को मंच मिलता है, तो उत्साह और संस्कृति दोनों नए रंगों में नजर आते हैं।

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