कोरबा में तेज आवाज वाले डीजे पर पुलिस की कार्रवाई, 18 मामले दर्ज

Anp News Live Korba गणेश उत्सव के दौरान निर्धारित ध्वनि सीमा का उल्लंघन कर डीजे बजाने वालों के खिलाफ कोरबा पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में चलाए गए अभियान के तहत कोलाहल अधिनियम के अंतर्गत 18 प्रकरण दर्ज किए गए। कार्रवाई के दौरान डीजे सिस्टम सहित 14 वाहन, 84 डीजे बॉक्स और मिक्सर मशीन, एम्पलीफायर सहित 32 अन्य उपकरण जब्त किए गए।

ध्वनि सीमा का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, गणेश उत्सव के दौरान कुछ डीजे संचालक निर्धारित सीमा से अधिक आवाज में साउंड सिस्टम बजा रहे थे। जांच में कोलाहल अधिनियम के साथ न्यायालयों और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के दिशा-निर्देशों के उल्लंघन के मामले सामने आने पर संबंधित संचालकों के विरुद्ध कार्रवाई की गई।

पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई नियमों का उल्लंघन करने वालों तक सीमित रही। निर्धारित नियमों का पालन करते हुए उत्सव मनाने वाली गणेश उत्सव समितियों को पुलिस की ओर से सहयोग दिया गया।

ढोल-ताशा और लोक नृत्यों को मिली प्राथमिकता

गणेश उत्सव के दौरान कई समितियों ने तेज आवाज वाले डीजे के स्थान पर पारंपरिक वाद्य यंत्रों और लोक कलाओं को प्राथमिकता दी। उत्सव में ढोल, ताशा, नगाड़ा और मांदर जैसे वाद्य यंत्रों के साथ राउत नाचा, कर्मा सहित विभिन्न लोक नृत्यों की प्रस्तुतियां हुईं।

इससे स्थानीय कलाकारों को अपनी कला दिखाने का अवसर मिला। साथ ही, छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को प्रोत्साहन मिला। गणेश उत्सव समितियों की ओर से बैंड पार्टियों को अवसर दिए जाने से उन्हें भी अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और काम पाने का मौका मिला।

शांतिपूर्ण आयोजन के लिए पुलिस की अपील

कोरबा पुलिस के अनुसार, पारंपरिक वाद्य यंत्रों और लोक नृत्यों को बढ़ावा देने वाली पहल से स्थानीय कलाकारों में उत्साह रहा और गणेश उत्सव शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।

पुलिस ने सभी गणेश उत्सव समितियों और डीजे संचालकों से अपील की है कि वे निर्धारित ध्वनि सीमा तथा शासन, न्यायालय और एनजीटी द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। पुलिस ने कहा कि नियमों के अनुरूप उत्सव मनाने के साथ स्थानीय कलाकारों और पारंपरिक संस्कृति को भी प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

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