‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ से मजबूत होगा पोषण अभियान

Anp news live Dantewada राष्ट्रीय पोषण माह 2026 के तहत आंगनवाड़ी केंद्रों को पोषण, देखभाल और प्रारंभिक बाल विकास के प्रभावी केंद्र के रूप में विकसित करने के साथ सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। दंतेवाड़ा में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय, रायपुर द्वारा आयोजित ‘वार्तालाप’ कार्यक्रम में जिला महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम प्रबंधक रविकान्त ध्रुव ने पोषण माह की प्रमुख प्राथमिकताओं और विभागीय गतिविधियों की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष 9वें राष्ट्रीय पोषण माह की थीम ‘हमारी आंगनवाड़ी हमारी जिम्मेदारी’ रखी गई है। अभियान का उद्देश्य आंगनवाड़ी केंद्रों के प्रति समुदाय में स्वामित्व की भावना विकसित करना और पोषण सेवाओं की गुणवत्ता व जवाबदेही को मजबूत करना है।

पौष्टिक और संतुलित आहार पर जोर

पोषण माह के दौरान आहार में विविधता और पर्याप्त प्रोटीन को प्राथमिकता दी जा रही है। बच्चों के भोजन में अनाज एवं मिलेट, दालें, फल-सब्जियां, मेवे-बीज के साथ दूध और दुग्ध उत्पादों को शामिल करने के लिए परिवारों को जागरूक किया जाएगा।

स्थानीय और कम लागत वाली पौष्टिक सामग्री से विभिन्न व्यंजन तैयार करने का प्रदर्शन, पोषण मेले और पोषण वाटिकाओं जैसी गतिविधियों के माध्यम से संतुलित भोजन के प्रति जागरूकता बढ़ाने की योजना है।

आंगनवाड़ी में ताजा गरम भोजन

आंगनवाड़ी केंद्रों पर बच्चों को ताजा और गरम पका भोजन उपलब्ध कराना भी अभियान की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। स्थानीय खाद्य सामग्री, मिलेट, दाल और मौसमी सब्जियों का उपयोग करते हुए साप्ताहिक मेन्यू में विविधता लाने और भोजन की गुणवत्ता बनाए रखने पर ध्यान दिया जा रहा है।

इस व्यवस्था में माता-पिता, पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों और आंगनवाड़ी प्रबंधन समितियों की भागीदारी बढ़ाई जाएगी, ताकि भोजन व्यवस्था और पोषण सेवाओं की निगरानी अधिक प्रभावी हो सके।

मेन्यू बोर्ड से बढ़ेगी पारदर्शिता

सामुदायिक स्वामित्व और जवाबदेही के तहत आंगनवाड़ी प्रबंधन समितियों को सक्रिय भूमिका देने पर जोर है। पोषण सेवाओं, भोजन की गुणवत्ता और निर्धारित मेन्यू के पालन की निगरानी को मजबूत किया जाएगा।

आंगनवाड़ी केंद्रों में पोषण मेन्यू बोर्ड प्रदर्शित किए जाने से लाभार्थियों को रोजाना मिलने वाले भोजन और उपलब्ध सेवाओं की जानकारी आसानी से मिल सकेगी। इससे व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।

पहले 1,000 दिनों पर विशेष ध्यान

बाल विकास के लिए पोषण एवं प्रारंभिक उत्तेजना को भी अभियान में महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। जीवन के पहले 1,000 दिनों में पर्याप्त पोषण, संवेदनशील देखभाल और आयु के अनुरूप सीखने की गतिविधियों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

माता-पिता और देखभालकर्ताओं को बच्चों के प्रारंभिक विकास तथा उनकी जरूरतों के प्रति जागरूक करने की दिशा में भी गतिविधियां संचालित की जाएंगी।

मातृ स्वास्थ्य के लिए पीएमएमवीवाई पर जोर

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) की जानकारी देते हुए बताया गया कि पात्र गर्भवती और धात्री महिलाओं तक मातृत्व लाभ पहुंचाने, मातृ पोषण एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और पात्र महिलाओं का पंजीकरण सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

जिला कार्यक्रम प्रबंधक रविकान्त ध्रुव ने कहा कि पोषण केवल भोजन तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह स्वस्थ बचपन, बेहतर शारीरिक एवं मानसिक विकास और मजबूत समाज की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि ‘हमारी आंगनवाड़ी हमारी जिम्मेदारी’ की भावना के साथ परिवार, आंगनवाड़ी केंद्र, पंचायत, स्वयं सहायता समूह और समुदाय मिलकर पोषण सेवाओं को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बना सकते हैं।

Related Post