Anp News Live Korba युवाओं की रचनात्मक सोच और नवाचार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कोरबा में सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज 2026 का जिला स्तरीय शुभारंभ किया गया। पंडित जवाहरलाल नेहरू सभागार, आईटीआई रामपुर में आयोजित कार्यक्रम में उद्योग, वाणिज्य एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने विद्यार्थियों और युवाओं से अपने आसपास की समस्याओं की पहचान कर उनके व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत करने की अपील की।
मंत्री देवांगन ने कहा कि यह प्रतियोगिता युवाओं को अपनी प्रतिभा और नए विचार सामने लाने का अवसर प्रदान करती है। कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता सहित किसी भी क्षेत्र में उपयोगी समाधान देने वाले विचार प्रतियोगिता में प्रस्तुत किए जा सकते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि कोरबा के युवा अपने नवाचारों से जिले का नाम रोशन करेंगे।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह कंवर, नगर निगम कोरबा के सभापति नूतन सिंह ठाकुर, कलेक्टर कुणाल दुदावत, एमआईसी सदस्य नरेंद्र देवांगन और गोपाल मोदी सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
जिला स्तर पर एक लाख रुपये तक का पुरस्कार
मंत्री ने बताया कि प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों और युवाओं को स्थानीय समस्याओं के समाधान पर काम करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। जिला स्तरीय प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागी को एक लाख रुपये, द्वितीय स्थान पर 75 हजार रुपये और तृतीय स्थान पर 50 हजार रुपये दिए जाएंगे। वहीं, चौथे से दसवें स्थान तक चयनित प्रतिभागियों को 10-10 हजार रुपये की पुरस्कार राशि मिलेगी।
उन्होंने युवाओं से निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपने विचार प्रस्तुत करने और प्रतियोगिता में सक्रिय भागीदारी करने का आग्रह किया।
कंटेंट क्रिएटर्स हब के लिए दो करोड़ रुपये का प्रावधान
कार्यक्रम के दौरान मंत्री लखनलाल देवांगन ने कोरबा में कंटेंट क्रिएटर्स हब स्थापित करने की घोषणा भी की। इसके लिए दो करोड़ रुपये के प्रावधान की जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि इस पहल से जिले के यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया के क्षेत्र में काम करने वाले युवाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है।
मंत्री ने सेवा संकल्प अभियान के तहत चल रही गतिविधियों का उल्लेख करते हुए बताया कि यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत स्वच्छता, रक्तदान, आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़ी गतिविधियों और अन्य सेवा कार्यों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं की भागीदारी और नए विचार महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
नवाचार के लिए मॉडल बनाना जरूरी नहीं: कलेक्टर
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कहा कि नवाचार की शुरुआत किसी समस्या को पहचानने और उसका बेहतर समाधान खोजने से होती है। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए तैयार मॉडल बनाना अनिवार्य नहीं है। प्रतिभागी अपने विचार, समाधान की रूपरेखा या सरकारी सेवाओं को अधिक सरल और प्रभावी बनाने से संबंधित सुझाव भी प्रस्तुत कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि कृषि, भूजल संरक्षण, कानून व्यवस्था, महिला एवं बाल विकास, नगरीय विकास, स्वास्थ्य, ऊर्जा, रक्षा, अधोसंरचना, उभरती तकनीक, शिक्षा और रोजगार सहित विभिन्न क्षेत्रों में विचार आमंत्रित किए गए हैं। किसानों की सहायता, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, अपशिष्ट प्रबंधन, नागरिक सेवाओं को सरल बनाने और कॉलेजों तथा उद्योगों के बीच बेहतर समन्वय जैसे विषयों पर भी उपयोगी सुझाव दिए जा सकते हैं।
कलेक्टर ने कहा कि विद्यार्थी, शिक्षक, प्राध्यापक, शोधकर्ता, स्टार्टअप, स्व-सहायता समूह, एमएसएमई और अन्य उद्यमी भी प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं। विचार विकसित करने के लिए अध्ययन, शोध और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जैसे साधनों की मदद ली जा सकती है। उन्होंने युवाओं से असफलता की आशंका के कारण अपने विचारों को रोकने के बजाय उन्हें प्रस्तुत करने की अपील की।
7 अक्टूबर तक विचार, 9 अक्टूबर को प्रस्तुतिकरण
कलेक्टर के अनुसार, जिला स्तरीय प्रतियोगिता के लिए 7 अक्टूबर 2026 तक विचार आमंत्रित किए जाएंगे, जबकि 9 अक्टूबर को प्रतिभागियों को अपने विचार प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।
जोनल स्तर की प्रतियोगिता के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 17 अक्टूबर निर्धारित है। इस स्तर पर 10 क्षेत्रों में कुल 50 विजेताओं का चयन किया जाएगा। प्रत्येक क्षेत्र में सामान्य श्रेणी के तीन, महिला श्रेणी की एक और 21 वर्ष से कम आयु वर्ग के एक विजेता का चयन होगा। प्रत्येक विजेता को 10 लाख रुपये दिए जाएंगे। इस तरह कुल पुरस्कार राशि पांच करोड़ रुपये होगी।
कलेक्टर ने कहा कि जिला प्रशासन को प्राप्त होने वाले विचारों को उपयोगी सुझावों के रूप में भी देखा जाएगा और उपयुक्त समाधानों को लागू करने की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा।
स्थानीय समस्याओं के समाधान पर दें ध्यान
गोपाल मोदी ने कहा कि नवाचार का अर्थ केवल नई तकनीक विकसित करना नहीं है। घर, मोहल्ले, शहर या जिले की किसी समस्या को कम समय और कम संसाधनों में बेहतर तरीके से हल करने वाला विचार भी नवाचार है। उन्होंने युवाओं से लोगों की वास्तविक जरूरतों को समझकर ऐसे समाधान प्रस्तुत करने का आग्रह किया, जिनसे समाज को सीधा लाभ मिल सके।
जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह कंवर और नगर निगम सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने भी युवाओं से प्रतियोगिता में भाग लेकर जिले के विकास में योगदान देने की अपील की।
कार्यक्रम के अंत में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर पूर्व महापौर जोगेश लांबा, नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडे, रोजगार अधिकारी दीपेश भारती, सतीश प्रकाश सिंह, लाइवलीहुड कॉलेज के प्राचार्य अरुणेंद्र मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, महाविद्यालयों एवं आईटीआई के विद्यार्थी और माय भारत युवा के वॉलंटियर्स उपस्थित रहे।
यहां करें आवेदन
जो प्रतियोगिता में भाग लेने के इच्छुक प्रतिभागी sevainnovationchallenge.in पर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन संबंधी सहायता के लिए जिला नोडल अधिकारी विजय कारे, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, कोरबा से मोबाइल नंबर 8109363862 पर संपर्क किया जा सकता है।
