Anp News Live Bilaspur भारतीय कला एवं सांस्कृतिक विरासत की अनूठी झलक उस समय देखने को मिली, जब बिलासपुर के एनईआई ऑडिटोरियम, बुधवारी बाजार में ओडिशा की पारंपरिक गोटीपुआ नृत्य शैली की मनमोहक प्रस्तुति हुई। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे कल्चरल एसोसिएशन और स्पिक मैके के संयुक्त तत्वावधान में 24 सितंबर को आयोजित इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में 6 से 14 वर्ष की आयु के नन्हे कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
शाम 7 बजे से रात 8:30 बजे तक चले कार्यक्रम में कलाकारों ने शारीरिक लचीलेपन, संतुलन, भाव-भंगिमाओं और कठिन नृत्य मुद्राओं का ऐसा समन्वय प्रस्तुत किया कि पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा।
कठिन मुद्राओं और अनूठी संरचनाओं ने खींचा ध्यान
ओडिशा की पारंपरिक नृत्य परंपरा से जुड़ी गोटीपुआ शैली में लय, संगीत, भाव और शारीरिक संतुलन का विशेष महत्व है। प्रस्तुति के दौरान नन्हे कलाकारों ने अपने शरीर को धनुष के आकार में मोड़कर रथ, भगवान विष्णु के शयन दृश्य और पिरामिड जैसी आकर्षक आकृतियां बनाईं। योगासनों और जटिल नृत्य मुद्राओं के माध्यम से उन्होंने अपनी वर्षों की साधना और शारीरिक दक्षता का परिचय दिया।
भारत माता का ध्वज लहराते हुए कलाकारों की प्रस्तुति भी दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण रही। पारंपरिक वेशभूषा में सजे कलाकारों की ऊर्जा और आपसी तालमेल ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
पखावज की थाप, मंजीरों की झंकार, हारमोनियम की मधुर धुन और गायन ने पूरे वातावरण को संगीतमय बना दिया।
वर्षों के अभ्यास से निखरी कला
कार्यक्रम का निर्देशन भुवनेश्वर स्थित नक्षत्र गुरुकुल के संस्थापक-निदेशक श्री बी. साहू ने किया। उन्होंने बताया कि कलाकार गुरुकुल में रहकर प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। इस कठिन नृत्य शैली में दक्षता हासिल करने के लिए नियमित अभ्यास, अनुशासन और निरंतर मेहनत जरूरी है। उनके अनुसार, इन कलाकारों ने वर्षों की साधना और लगभग 22,000 घंटे के अभ्यास के बाद इस स्तर की दक्षता हासिल की है।
रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित
कार्यक्रम में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे महिला कल्याण संगठन (सेक्रो) की अध्यक्षा श्रीमती मीनाक्षी शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। अपर महाप्रबंधक श्री विजय कुमार साहू और सेक्रो की उपाध्यक्षा श्रीमती अंजुला साहू विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।
प्रधान मुख्य कार्मिक अधिकारी डॉ. दर्शनीता अहलूवालिया सहित मनीष अग्रवाल, अनूप कुमार सतपथी और दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के कई वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
स्पिक मैके के छत्तीसगढ़ समन्वयक एवं आधारशिला स्कूल के अध्यक्ष अजय श्रीवास्तव ने संस्था की गतिविधियों और उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्पिक मैके भारतीय शास्त्रीय संगीत, नृत्य और सांस्कृतिक विरासत को युवा पीढ़ी तक पहुंचाने तथा विद्यार्थियों को देश की समृद्ध कला परंपराओं से जोड़ने के लिए कार्य कर रही है।
कलाकारों को स्मृति चिह्न देकर किया सम्मानित
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे कल्चरल एसोसिएशन की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य रेलवे परिवार के सदस्यों को भारतीय कला एवं संस्कृति से परिचित कराना और पारंपरिक कलाओं के प्रति रुचि बढ़ाना था।
कार्यक्रम के समापन पर मीनाक्षी शर्मा और अंजुला साहू ने गोटीपुआ कलाकारों को सप्रेम भेंट एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया। नन्हे कलाकारों ने अतिथियों का आशीर्वाद प्राप्त किया।
कलाकारों की प्रभावशाली प्रस्तुति और दर्शकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी के साथ यह सांस्कृतिक संध्या संपन्न हुई। कार्यक्रम ने भारतीय पारंपरिक नृत्य कला की समृद्धि और उसे अगली पीढ़ी तक पहुंचाने के महत्व को रेखांकित किया।
