महानदी के टापू में फंसे छह ग्रामीणों का सुरक्षित रेस्क्यू

Anp News Live Sakti महानदी और बोराई नदी का जलस्तर बढ़ने तथा तटीय इलाकों में जलभराव की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन सतर्क है। कलेक्टर श्रीमती जयश्री जैन और पुलिस अधीक्षक श्री प्रफुल्ल ठाकुर ने रविवार को डभरा क्षेत्र का दौरा कर बैराज, पुलों और प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों की मौजूदगी में महानदी के टापू पर फंसे मांजरखुर्द के छह ग्रामीणों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

प्रशासन के अनुसार, रेस्क्यू किए गए ग्रामीणों में दूधनाथ माली, कृष्णा माली, रामशीला माली, बिहारी माली, राजधानी माली और महेशराम माली शामिल हैं। कलेक्टर और एसपी ने मौके पर जलस्तर, नदी के बहाव तथा सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

चंद्रपुर क्षेत्र के परिवार भी प्रभावित

नदी का जलस्तर बढ़ने से डभरा अनुभाग के चंद्रपुर क्षेत्र में वार्ड क्रमांक 4 और 5 सहित कुछ अन्य इलाकों के परिवार प्रभावित हुए हैं। प्रशासन प्रभावित लोगों की सुरक्षा और सुविधाओं पर नजर बनाए हुए है।

प्रभावित परिवारों के ठहरने के लिए तीन राहत शिविर बनाए गए हैं। प्रशासन के मुताबिक, शिविरों में भोजन, पेयजल, प्रकाश, स्वच्छता, शौचालय और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है, ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

पुलों और संवेदनशील मार्गों पर निगरानी

सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुछ सड़कों, पुलों और रपटों पर आवागमन अस्थायी रूप से बंद किया गया है। कलेक्टर और एसपी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित पुलों और आसपास के क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जाए तथा लोगों को तेज बहाव वाले पानी के नजदीक जाने से रोका जाए।

राजस्व, पुलिस, नगर सेना और जल संसाधन विभाग को नदी के जलस्तर, बहाव तथा पुल-पुलियों की स्थिति पर नजर रखने और आवश्यकता के अनुसार तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया है।

स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी सक्रिय

प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें सक्रिय हैं। लोगों की नियमित स्वास्थ्य जांच की जा रही है और जरूरी दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। जलभराव के कारण संक्रमण और अन्य बीमारियों की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी उपाय भी किए जा रहे हैं।

कलेक्टर ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से राहत कार्य संचालित करने तथा तटीय और जलभराव की आशंका वाले आबादी क्षेत्रों में मुनादी के माध्यम से लोगों को सतर्क करने के निर्देश दिए हैं।

प्रभावित लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

कलेक्टर श्रीमती जयश्री जैन ने कहा कि प्रभावित लोगों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। राहत शिविरों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। पुलिस, राजस्व, नगर सेना, जल संसाधन और स्वास्थ्य विभाग सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी राहत एवं बचाव कार्यों के लिए मुस्तैद हैं।

निरीक्षण के दौरान तहसीलदार मनमोहन सिंह, तहसीलदार आशीष पटेल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

नागरिकों से सतर्क रहने की अपील

जिला प्रशासन ने नागरिकों से नदी, घाट, पुल-पुलियों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि वे तेज बहाव में सेल्फी या वीडियो बनाने का जोखिम न उठाएं और सुरक्षा के मद्देनजर बंद किए गए मार्गों पर जाने का प्रयास न करें।

किसी भी आपात स्थिति में तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचना दें, ताकि समय पर राहत एवं बचाव कार्य किया जा सके।

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