कटरिया कांड पर सियासत तेज, जयप्रकाश पाण्डेय का बड़ा बयान— “दोषी बचे नहीं, निर्दोष फंसे नहीं”


गाजीपुर। जनपद के करंडा थाना क्षेत्र के ग्राम सभा कटरिया में हुई हृदयविदारक घटना ने पूरे जिले ही नहीं, प्रदेश की सियासत को भी गरमा दिया है। विश्वकर्मा समाज की एक युवती का शव गंगा किनारे संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से जहां इलाके में सनसनी फैल गई, वहीं घटना ने देखते ही देखते राजनीतिक रूप ले लिया।
जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पिता की तहरीर पर कार्रवाई शुरू की और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर साफ किया कि न तो बलात्कार हुआ और न ही हत्या की पुष्टि हुई है। लेकिन इसके बावजूद मामले को लेकर अलग-अलग राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई। मालूम हो की 22 अप्रैल को जब समाजवादी पार्टी के नेता पीड़ित परिवार से मिलने कटरिया गांव पहुंचे, तो माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। गांव में जमकर पत्थरबाजी हुई, जिसमें कई पुलिसकर्मी और कुछ सपा नेता भी घायल हो गए। हालात को काबू में करने के बाद पुलिस ने 43 लोगों को नामजद करते हुए करीब 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। इस पूरे घटनाक्रम पर सुहेलदेव सम्मान स्वाभिमान पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता जयप्रकाश पाण्डेय ने कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि, “किसी भी राजनीतिक दल के नेता अगर पीड़ित परिवार से मिलने जाते हैं, तो उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया जाना बेहद चिंताजनक है।” जयप्रकाश पाण्डेय ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए जोरदार नारा दिया— ? “ दोषी बचे नहीं और निर्दोष फंसे नहीं”
उन्होंने यह भी कहा कि घटना को राजनीतिक रंग देने के बजाय सच्चाई सामने लाना जरूरी है, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और क्षेत्र में शांति बहाल हो। फिलहाल कटरिया गांव में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है। पुलिस प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है, वहीं इस मामले ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था और राजनीतिक हस्तक्षेप पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

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