ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 पर जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित...

जांजगीर-चांपा कलेक्टर जन्मेजय महोबे की अध्यक्षता में आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 विषय पर जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में जिला पंचायत सीईओ गोकुल रावटे, अपर कलेक्टर ज्ञानेन्द्र सिंह ठाकुर, सर्व मुख्य नगर पालिका अधिकारी, जनपद पंचायत सीईओ सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।


कलेक्टर महोबे ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ एवं सुंदर जिले के निर्माण के लिए सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करना होगा तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित बनाने की दिशा में सतत प्रयास किए जाएं।


कलेक्टर ने ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों में जन-जागरूकता गतिविधियों को बढ़ावा देने, स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण सुनिश्चित करने तथा जनभागीदारी के माध्यम से स्वच्छता कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विशेष अधिसूचित क्षेत्रों, तीर्थ स्थलों, बस स्टैण्ड, धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों, शैक्षणिक संस्थानों, रेलवे स्टेशन, होटल, अस्पताल, स्टेडियम, सामुदायिक भवन एवं पर्यटन स्थलों में प्लास्टिक एवं अन्य कचरे का पृथक्करण अनिवार्य किया गया है। साथ ही कचरे को विभिन्न श्रेणियों जैसे वेट वेस्ट, ड्राई वेस्ट, सेनेटरी वेस्ट एवं स्पेशल केयर वेस्ट में अलग-अलग करना आवश्यक है।


जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की वर्तमान स्थिति, कचरा पृथक्करण, संग्रहण एवं वैज्ञानिक निपटान की कार्ययोजना के संबंध में विस्तृत जानकारी दी जा रही। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत स्तर पर स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा अपशिष्ट प्रबंधन की प्रभावी प्रणाली विकसित करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

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