बरभौना-एडू मार्ग पर दिखा दुर्लभ नजारा, वीडियो सोशल मीडिया में वायरल
रायगढ़। जिले के वनांचल क्षेत्र में सोमवार शाम उस समय एक अनोखा और रोमांचक दृश्य देखने को मिला, जब 51 हाथियों का विशाल दल बरभौना और एडू के बीच सड़क पार करता नजर आया। हाथियों के सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए वन विभाग ने तत्काल सड़क के दोनों ओर वाहनों की आवाजाही रोक दी, जिससे बिना किसी बाधा के पूरा झुंड जंगल की ओर बढ़ सका। इस दौरान मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल फोन से वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया, जो तेजी से वायरल हो रहा है।
जंगल से सड़क तक पहुंचा हाथियों का विशाल कुनबा
जानकारी के अनुसार हाथियों का यह दल खरसिया वन परिक्षेत्र से आगे बढ़ते हुए छाल वन परिक्षेत्र की ओर जा रहा था। शाम के समय अचानक बरभौना और एडू के बीच मुख्य मार्ग पर हाथियों की गतिविधि दिखाई दी। दल में वयस्क नर-मादा हाथियों के साथ कई शावक भी शामिल थे। सड़क पार करते समय हाथियों का अनुशासित ढंग से कतारबद्ध होकर आगे बढ़ना लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया।
वायरल वीडियो में स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि सबसे पहले एक विशाल हाथी जंगल से निकलकर सड़क पर पहुंचता है। उसके पीछे पूरा झुंड क्रमबद्ध तरीके से सड़क पार करता है। कुछ देर तक सड़क पर यातायात पूरी तरह रुका रहा और लोग सुरक्षित दूरी से इस दुर्लभ दृश्य को देखते रहे।
सुरक्षा के लिए सक्रिय रहा वन अमला
हाथियों की मौजूदगी की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंच गई। किसी भी प्रकार की दुर्घटना अथवा मानव-वन्यजीव संघर्ष की संभावना को देखते हुए सड़क के दोनों ओर वाहनों को रोक दिया गया। वन कर्मचारियों ने लोगों को हाथियों के निकट जाने से मना किया और पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखी।
वन विभाग की तत्परता के कारण हाथियों का दल सुरक्षित रूप से सड़क पार कर जंगल क्षेत्र में प्रवेश कर गया। इस दौरान न तो किसी वाहन को नुकसान हुआ और न ही किसी प्रकार की अप्रिय घटना सामने आई।
शावक की मौत के बाद चर्चा में आया हाथियों का दल
उल्लेखनीय है कि सोमवार सुबह ही खरसिया रेंज के मांड नदी क्षेत्र में एक हाथी शावक का शव मिला था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मृत शावक इसी 51 सदस्यीय दल का हिस्सा था। शावक की मौत के बाद यह दल लगातार वन विभाग की निगरानी में था और शाम को छाल क्षेत्र की ओर बढ़ गया।
छाल वन परिक्षेत्र में 76 हाथियों की मौजूदगी
वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में छाल वन परिक्षेत्र में कुल 76 हाथी विचरण कर रहे हैं। इनमें सबसे बड़ा समूह एडू परिसर में सक्रिय 51 हाथियों का है। इस दल में 12 नर, 33 मादा और 6 शावक शामिल हैं।
इसके अलावा हाटी, कुड़ेकेला, छाल, बनहर, औरानारा, बोजिया, बेहरामार, गलिमार और पुरूंगा क्षेत्रों में भी हाथियों की नियमित गतिविधियां दर्ज की जा रही हैं। पूरे वन परिक्षेत्र में वर्तमान में 22 नर, 44 मादा और 10 शावक हाथियों की उपस्थिति दर्ज की गई है।
ग्रामीणों को किया जा रहा सतर्क
छाल रेंजर राजेश चौहान के अनुसार हाथियों का दल खरसिया क्षेत्र से छाल रेंज में प्रवेश कर चुका है और उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। वन विभाग प्रभावित गांवों में मुनादी, सूचना और जनजागरूकता के माध्यम से लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहा है।
अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि हाथियों के निकट न जाएं, उन्हें छेड़ने या फोटो लेने के लिए जोखिम न उठाएं तथा किसी भी गतिविधि की जानकारी तत्काल वन विभाग को दें।
मानव और वन्यजीव सहअस्तित्व की मिसाल
बरभौना-एडू मार्ग पर हाथियों के इस विशाल दल का सुरक्षित सड़क पार करना मानव और वन्यजीवों के बीच संतुलन एवं वन विभाग की सजगता का एक सकारात्मक उदाहरण माना जा रहा है। हालांकि हाथियों की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए आने वाले दिनों में ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता बनी हुई है।
