किसानों ने सरकार से मांगा मुआवजा, कहा – सालभर की मेहनत कुछ घंटों में हो गई नष्ट
कोण्डागांव, 26 अक्टूबर 2025: जिला मुख्यालय से लगे संवेदनशील क्षेत्र ग्राम पंचायत चेरंग में प्राकृतिक आपदा ने किसानों की सालभर की मेहनत पर पानी फेर दिया। शनिवार शाम 25 अक्टूबर 2025 को हुई तेज झमाझम बारिश से खेतों में खड़ी धान की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई। पानी के तेज बहाव से कई किसानों की तैयार फसल बहकर दूसरे खेतों और नालों में जा पहुंची।

इस आपदा में ग्राम के कुल 6 किसानों की फसल पूर्ण रूप से बर्बाद हो गई है —
1. जयराम नेताम पिता गांण्डो राम नेताम
2. फूलसिंह कोर्राम पिता बजूराम कोर्राम
3. चैनू कोर्राम पिता बुधसन कोर्राम
4. सोबराय सलाम पिता बाण्डा सलाम
5. रामचंद्र पोयाम पिता बलदेव पोयाम
6. मोतीराम पोयाम पिता बलदेव पोयाम

किसानों ने बताया कि इस वर्ष उन्होंने खाद, बीज, और ट्रैक्टर जुताई सहित फसल में लगभग 40 से 50 हजार रुपये तक का खर्च किया था, लेकिन एक ही रात की बारिश में सारी मेहनत मिट्टी में मिल गई। कई किसानों की फसल पानी के तेज बहाव में नदी तक पहुंच गई।

पीड़ित किसानों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि उन्हें उचित मुआवजा और सहायता राशि प्रदान की जाए ताकि वे अपने कर्ज का भुगतान कर सकें और आगामी फसल की तैयारी कर सकें। किसानों ने कहा कि यदि समय रहते मदद नहीं मिली तो उनकी आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय हो जाएगी।

स्थानीय ग्रामीणों ने भी प्रशासन से मांग की है कि चेरंग क्षेत्र में हुए फसल नुकसान का सर्वे तत्काल कराया जाए और प्रभावित किसानों को शीघ्र राहत दी जाए।
