कोण्डागांव, 12 सितम्बर 2025: कोण्डागांव जिला मुख्यालय से लगभग 33 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत नरिहा में पंचायत भवन निर्माण कार्य पिछले एक से डेढ़ वर्ष से अधूरा पड़ा है। ग्रामीणों का आरोप है कि भवन निर्माण के लिए न तो उचित निगरानी की गई और न ही इसमें लगे मजदूरों और संसाधनों का भुगतान किया गया है।
स्थानीय ग्रामीणों ने जानकारी दी कि भवन निर्माण के लिए क्षेत्रीय ठेकेदार द्वारा रेती और अन्य निर्माण सामग्री ट्रैक्टर के माध्यम से पहुँचाई गई थी, लेकिन आज तक ट्रैक्टर मालिकों और मजदूरों को उनका मेहनताना नहीं मिला है। ट्रैक्टर मालिकों का कहना है कि उनसे डीज़ल और काम का खर्चा खुद वहन कराया गया, लेकिन ठेकेदार द्वारा बार-बार टालने के बावजूद करीब ₹30,000 से ₹40,000 तक की राशि अब तक नहीं दी गई है।
"आज दूंगा, कल दूंगा" करते-करते साल बीत गया
ग्रामीणों ने बताया कि वे कई बार ठेकेदार से फोन पर संपर्क करने की कोशिश कर चुके हैं, लेकिन अब फोन उठाना बंद कर दिया गया है, और कई बार मोबाइल स्विच ऑफ भी कर दिया जाता है।
संवेदनशील क्षेत्र में लापरवाही

नरिहा जैसे दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्र में पंचायत भवन का न बन पाना शासन-प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है। यह भवन न केवल ग्रामीण विकास का प्रतीक होना था, बल्कि क्षेत्रीय कार्यों और योजनाओं के संचालन का केंद्र भी बनता। अब ठेकेदार की मनमानी और प्रशासनिक उदासीनता के चलते स्थानीय लोगों को आर्थिक नुकसान और प्रशासनिक असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि:

1. पंचायत भवन का निर्माण कार्य जल्द पूर्ण कराया जाए।
2. मजदूरों और ट्रैक्टर मालिकों को तत्काल भुगतान किया जाए।
3. लापरवाह ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ, तो ग्रामीण आंदोलन या उच्च अधिकारियों को ज्ञापन सौंपने की योजना बना रहे हैं।
