कोंडागांव जिले में जिला प्रशासन ने रोका बाल विवाह संयुक्त दल की त्वरित करवाई

कोंडागांव, 19 अगस्त 2025 — जिले के ग्राम पंचायत चिखलपुट्टी में एक नाबालिग बालिका का विवाह कराए जाने की सूचना पर जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक संभावित बाल विवाह को समय रहते रोक लिया। इस कार्यवाही को मिशन वात्सल्य के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस विभाग और चाइल्ड लाइन की संयुक्त टीम ने अंजाम दिया।

 

यह कार्रवाई कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना के निर्देश पर जिला कार्यक्रम अधिकारी अवनी कुमार बिसवाल के मार्गदर्शन में की गई।

 

सूचना मिलते ही हरकत में आया प्रशासन

 

जिला बाल संरक्षण अधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम चिखलपुट्टी निवासी यशोदा (परिवर्तित नाम), उम्र 16 वर्ष का विवाह योगेश (परिवर्तित नाम), उम्र 19 वर्ष, निवासी ग्राम लंजोड़ा, थाना फरसगांव, के साथ तय किया गया था।

 

संयुक्त जांच दल ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों से मुलाकात की और शैक्षणिक दस्तावेजों की जाँच की। दस्तावेज़ों से पुष्टि हुई कि बालिका की जन्मतिथि 07 फरवरी 2009 और बालक की जन्मतिथि 23 सितंबर 2006 है, जो कि कानूनी वैवाहिक आयु से कम पाई गई।

 

समझाइश के बाद परिजनों ने विवाह टालने पर दी सहमति

 

बालिका के माता-पिता नहीं हैं और वह अपने दादा-दादी के साथ निवास करती है। टीम ने दोनों परिवारों को बाल विवाह निषेध अधिनियम, दंड के प्रावधानों और बाल विवाह के सामाजिक व स्वास्थ्य संबंधी दुष्परिणामों से अवगत कराया। इसके बाद दोनों परिवारों ने बालिका के वयस्क होने तक विवाह स्थगित करने पर सहमति जताई।

 

मौके पर पंचनामा तैयार किया गया और ग्राम प्रमुख, ग्रामीणों एवं प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में बाल विवाह को रोका गया।

जिम्मेदार अधिकारी और टीम रहे मौजूद

इस कार्रवाई में जिला बाल संरक्षण अधिकारी नरेन्द्र सोनी, परियोजना अधिकारी संजय पोटावी, संरक्षण अधिकारी जयदीप नाथ, विधिक सह परिवीक्षा अधिकारी सौरभ तिवारी, एएसआई सुकेन्द्र कश्यप, प्रधान आरक्षक मिथलेश रजक, सोना मरकाम, चाइल्ड लाइन से अनिल कुमार नायक, रविकांत गौर, एवं स्थानीय समाज प्रमुखों ने सहभागिता निभाई।

---

> समाज में अब भी जागरूकता की जरूरत

प्रशासन की यह कार्यवाही एक सकारात्मक संदेश देती है कि बाल विवाह जैसे गंभीर सामाजिक अपराध के प्रति अब सतर्कता और संवेदनशीलता बढ़ रही है। हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की अब भी भारी जरूरत बनी हुई है।

Related Post