नाबालिग का अपहरण कर बलात्कार करने वाले आरोपी और उसके साथी को फरसगांव पुलिस ने किया गिरफ्तार

फरसगांव/कोंडागांव, 28 जुलाई 2025: फरसगांव पुलिस ने एक नाबालिग लड़की का अपहरण कर बलात्कार करने के आरोप में एक युवक और उसके नाबालिग साथी को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया है। घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली गई है।

कोंडागांव पुलिस महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर त्वरित और कड़ी कार्रवाई कर रही है।

घटना का विवरण:

पीड़िता ने फरसगांव थाने में शिकायत दर्ज कराई कि 17 फरवरी 2025 की रात करीब 9 बजे एक नाबालिग लड़के ने उसे शादी के घर से बाहर निकलने के लिए मजबूर किया। बाहर पहले से ही गुडेश्वर मरकाम मोटरसाइकिल के साथ खड़ा था। तीनों एक ही स्कूल में पढ़ते थे और एक-दूसरे को जानते थे। नाबालिग लड़के और गुडेश्वर ने पीड़िता को जबरन मोटरसाइकिल पर बैठाया और उसे नाबालिग लड़के के घर के पीछे खेत में बनी एक झोपड़ी में ले गए। नाबालिग लड़का मोटरसाइकिल लेकर वापस आ गया। गुडेश्वर मरकाम ने पीड़िता के नाबालिग होने के बावजूद उसे जान से मारने की धमकी देकर उसकी मर्जी के बिना उससे शारीरिक संबंध बनाए और बलात्कार किया। पीड़िता को घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई थी।

पीड़िता की शिकायत पर फरसगांव थाने में अपराध क्रमांक 100/2025, धारा 137 (2), 65(1), 351(3), 3(5) बीएनएस, पॉक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई:

मामले की गंभीरता को देखते हुए, कोंडागांव पुलिस अधीक्षक येदुवल्ली अक्षय कुमार के निर्देश, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कौशलेन्द्र देव पटेल के मार्गदर्शन और पुलिस अनुविभागीय अधिकारी फरसगांव अभिनव उपाध्याय के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी संजय शिंदे के नेतृत्व में टीम ने त्वरित कार्रवाई की।

जांच के दौरान आरोपी गुडेश्वर मरकाम (पिता बेसावराम मरकाम, उम्र 20 वर्ष, निवासी बेसवापारा गारे (रांधना)) और घटना में शामिल नाबालिग लड़के से पूछताछ की गई। दोनों ने अपराध कबूल कर लिया, जिसके बाद उन्हें 28 जुलाई 2025 को गिरफ्तार/निरुद्ध कर लिया गया। घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली गई है। आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

इस कार्रवाई में निरीक्षक संजय शिंदे (थाना प्रभारी फरसगांव), निरीक्षक राजकुमारी पाण्डेय (रक्षित केंद्र कोंडागांव), सउनि सुरेंद्र बघेल, पीतांबर कठार, आरक्षक अजय मरकाम, नारायण शार्दूल और महिला आरक्षक सरस्वती यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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