रायगढ़ जिले के तुमीडीह जंगल में मिली युवती की निर्वस्त्र लाश की पहचान अधिवक्ता आराधना सिदार के रूप में होने के बाद पूरे जिले में सनसनी फैल गई है। इस हत्याकांड ने अब जनआक्रोश का रूप ले लिया है और अधिवक्ता संघ सड़क पर उतरकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहा है।
तीन दिन पहले जंगल में मिली लाश की पहचान होते ही मामला और भी रहस्यमय बन गया। मृतका की बहन ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए दावा किया है कि हत्या वाले दिन आराधना के मोबाइल फोन से किसी अनजान महिला ने उनकी आवाज निकालकर बात की थी। इस खुलासे ने हत्या के पीछे किसी बड़ी साजिश और सुनियोजित अपराध की आशंका को और गहरा कर दिया है।
परिजनों का कहना है कि अपराधियों ने पहले पहचान और आवाज बदलकर भरोसा कायम किया, फिर बेरहमी से हत्या को अंजाम दिया। मामले में अब तक ठोस गिरफ्तारी नहीं होने से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
पुलिस जांच की धीमी रफ्तार से नाराज अधिवक्ता संघ ने आज काला कोट पहनकर पैदल मार्च निकाला और एसएसपी शशि मोहन सिंह का घेराव किया। प्रदर्शनकारी वकीलों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
अधिवक्ताओं का कहना है कि इस तरह की जघन्य वारदात ने पूरे समाज को झकझोर दिया है और यदि अपराधियों को जल्द नहीं पकड़ा गया तो न्याय व्यवस्था पर लोगों का भरोसा कमजोर होगा। वहीं, साक्ष्यों के मिटने और आरोपियों के खुले घूमने की आशंका से लोगों में भय और गुस्सा दोनों बढ़ रहे हैं।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है, लेकिन बढ़ते जनदबाव के बीच अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि आखिर इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा कब होगा।
