रायगढ़- जिले में धान खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी एवं अनुशासित बनाए रखने के लिए कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी द्वारा दिए गए निर्देशों के तहत लगातार सख्ती और विशेष निगरानी की जा रही है। इसी कड़ी में 05 दिसंबर को सेवा सहकारी समिति केशला में किए गए निरीक्षण के दौरान एक गंभीर अनियमितता सामने आई, जिसने प्रशासन को चौकन्ना कर दिया।
पुरानी फसल का धान लेकर पहुँचा कृषक
जांच के दौरान पाया गया कि कृषक हिमांचल चौहान मोबाइल ऐप के माध्यम से 100 क्विंटल का टोकन कटवाकर धान लेकर समिति पहुँचा था। लेकिन जिला स्तरीय एवं उपार्जन केंद्र के नोडल अधिकारियों द्वारा जब धान की गुणवत्ता की जांच की गई, तो संदेह होने पर विस्तृत परीक्षण किया गया। निरीक्षण में धान की नमी मात्र 12.2 प्रतिशत पाई गई और जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि धान पुरानी फसल का है।
मौके पर कृषक ने स्वयं भी स्वीकार किया कि धान पिछले सीजन का है, जिसे नियमों के तहत खरीदा नहीं जा सकता। इस जानकारी को तुरंत उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया, जिसके बाद तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी लैलूंगा को मौके पर बुलाया गया।
जप्ती की कार्रवाई पर कृषक का हंगामा
तहसीलदार द्वारा जब पुराने धान को नियमों के अनुसार जप्त किया गया और ट्रैक्टर सहित कार्रवाई प्रारंभ की गई, तो कृषक हिमांचल चौहान ने समिति परिसर में अभद्र व्यवहार किया। उसने इतना तक कह दिया कि वह धान और ट्रैक्टर में पेट्रोल डालकर आग लगा देगा। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, उसकी हरकतें परिशांति भंग होने की आशंका उत्पन्न कर रही थीं।
स्थिति बिगड़ती देख कृषक धान और ट्रैक्टर वहीं छोड़कर मौके से फरार हो गया। अमानक धान और ट्रैक्टर को तहसीलदार लैलूंगा द्वारा नियमों के अनुसार जप्त कर समिति प्रबंधक की सुपुर्दगी में दे दिया गया।
किसान के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई के निर्देश
घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने मामले को कानून व्यवस्था से जोड़कर देखा है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, कृषक का यह कृत्य कृषि उपार्जन नियमों का उल्लंघन होने के साथ-साथ शांति भंग होने की आशंका उत्पन्न करता है।
इस पूरे प्रकरण के आधार पर संबंधित कृषक हिमांचल चौहान के खिलाफ थाना लैलूंगा में 126/135(3) बी.एन.एस.एस. के तहत कानूनी कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी प्रक्रिया को किसी भी कीमत पर प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा तथा नियम विरुद्ध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वालों पर भविष्य में भी इसी प्रकार की कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
