शिक्षकों के नवाचारों से संवरेगी जिले की शिक्षा, कलेक्टर ने बनाई बेहतर कार्ययोजना की रूपरेखा...

 

जांजगीर-चांपा, कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने जिले में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और बेहतर परीक्षा परिणाम सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ज्ञानदीप व शिक्षा दूत से पुरस्कृत शिक्षकों के साथ संवाद किया। इस दौरान शिक्षकों द्वारा विद्यालयों में किए जा रहे नवाचारों एवं सफल शैक्षणिक गतिविधियों के अनुभव साझा किए गए। शिक्षकों के अनुभवों और नवाचारों के आधार पर जिले में शिक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की दिशा में कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर संवाद, कार्यशाला एवं कार्ययोजना कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में ज्ञानदीप व शिक्षा दूत से पुरस्कृत शिक्षकों ने विद्यालयों में शिक्षा को रोचक, प्रभावी और बच्चों के अनुकूल बनाने के लिए किए जा रहे विभिन्न नवाचारों की जानकारी दी। शिक्षकों ने स्मार्ट क्लास, कबाड़ से जुगाड़, मुस्कान पुस्तकालय, सामुदायिक सहभागिता से शाला विकास, जादुई पिटारा, शैक्षणिक भ्रमण सहित अनेक अभिनव गतिविधियों के संबंध में विस्तार से बताया। इसके साथ ही बच्चों की पढ़ाई में रुचि बढ़ाने, विद्यालय परिसर को बेहतर बनाने, वृक्षारोपण करने तथा शाला छोड़ने वाले बच्चों की संख्या को रोकने के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी साझा की गई। शिक्षकों ने बताया कि विभिन्न रचनात्मक एवं गतिविधि आधारित तरीकों से बच्चों को शिक्षा से जोड़ने और विद्यालय आने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।


कलेक्टर महोबे ने शिक्षकों द्वारा किए जा रहे नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे ऐसे प्रयास निश्चित रूप से बच्चों के सर्वांगीण विकास और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि ज्ञानदीप व शिक्षा दूत पुरस्कृत शिक्षक जिले के अन्य शिक्षकों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि जिले में शिक्षा को आगे बढ़ाने में सभी शिक्षक नेतृत्वकारी भूमिका निभाएं। विद्यालयों में किए जा रहे अच्छे कार्य केवल योजनाओं और चर्चाओं तक सीमित न रहें, बल्कि उनका प्रभाव धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिक्षक अपने विद्यालय में बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने के लिए निरंतर प्रयास करें। कलेक्टर ने शिक्षकों से कहा कि विद्यालयों में की जा रही रचनात्मक गतिविधियों और नवाचारों को सोशल मीडिया के माध्यम से भी साझा करें। इससे जिले के अन्य शिक्षक भी इन नवाचारों से प्रेरणा लेकर अपने विद्यालयों में बेहतर गतिविधियां संचालित कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि अच्छे कार्यों का प्रचार-प्रसार होने से नवाचारों का दायरा बढ़ता है और शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा का वातावरण तैयार होता है। कलेक्टर श्री महोबे ने जिले के सभी विद्यालयों में किचन गार्डन विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालय परिसरों में किचन गार्डन विकसित करने से बच्चों को प्रकृति और पर्यावरण से जुड़ने का अवसर मिलेगा। साथ ही उन्हें पौधों की देखभाल, पोषण और स्वच्छ वातावरण के संबंध में व्यावहारिक जानकारी भी प्राप्त होगी।

बच्चों में पढ़ाई की रुचि बढ़ाने के लिए बताए प्रभावी उपाय

कलेक्टर श्री महोबे ने बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि विकसित करने के संबंध में शिक्षकों के साथ अपने विचार साझा किए। उन्होंने विशेष रूप से कमजोर विद्यार्थियों पर ध्यान देने की आवश्यकता बताई। कलेक्टर ने कहा कि ऐसे बच्चों को पढ़ाई के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए विशेष प्रयास किए जाने चाहिए तथा उन्हें पुस्तकों के साथ कक्षा में आयोजित टेस्ट देने के अवसर प्रदान कर उनकी सीखने की प्रक्रिया को सहज और रोचक बनाया जा सकता है। इससे बच्चों के मन से पढ़ाई और परीक्षा का भय कम होगा तथा उनमें अध्ययन के प्रति रुचि विकसित होगी। उन्होंने कहा कि बच्चों की क्षमता और आवश्यकता के अनुरूप शिक्षण पद्धतियों का उपयोग कर उन्हें मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ना आवश्यक है।


कलेक्टर महोबे ने जिले के परीक्षा परिणामों को बेहतर बनाने के लिए जिला परीक्षा समिति के सदस्यों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। उन्होंने विद्यार्थियों के परीक्षा परिणामों में सुधार के लिए तैयार कार्ययोजना का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर उनके लिए विशेष शिक्षण व्यवस्था की जाए तथा नियमित अभ्यास, अतिरिक्त मार्गदर्शन और सतत मूल्यांकन के माध्यम से उनकी शैक्षणिक क्षमता में सुधार लाया जाए। कलेक्टर ने कहा कि शिक्षा प्रत्येक बच्चे के लिए आवश्यक है और वर्तमान समय की जरूरतों के अनुरूप बच्चों का सर्वांगीण विकास किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को सभी विषयों में दक्ष बनाने के साथ-साथ उनके कम्युनिकेशन स्किल को बेहतर बनाने पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। इकोनॉमी, जियोग्राफी एवं गणित जैसे विषयों के अध्ययन के संबंध में उन्होंने कहा कि बच्चों में इन विषयों की समझ विकसित करने के लिए शिक्षकों को प्रभावी एवं रोचक शिक्षण पद्धतियों का उपयोग करना चाहिए।उन्होंने कहा कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में नैतिक शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों और संस्कारों का विकास होना बेहद जरूरी है।


कलेक्टर महोबे ने शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षकों द्वारा किए जा रहे नवाचारों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों द्वारा किए जा रहे अभिनव प्रयास जिले में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और अन्य शिक्षकों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेंगे। इस अवसर पर नवाचार और उत्कृष्ट कार्यों के लिए शिक्षकों को स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी श्री अशोक सिन्हा सहित सर्व विकासखंड शिक्षा अधिकारी, प्राचार्यगण एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे ।

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