कोंडागांव, 03 दिसंबर 2025 | कोंडागांव नगर की जीवनदायिनी नारंगी नदी में जल संरक्षण को लेकर संबंधित विभागों की सुस्ती अब नगरवासियों के लिए गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है। ग्रीष्म ऋतु की ओर बढ़ते कदमों के साथ नगर में पेयजल संकट का खतरा और गहरा रहा है, लेकिन नदी में मौजूद जोंधरापदर एनीकट तथा खड़कघाट स्टॉप डैम में जल संरक्षण संबंधी कोई प्रभावी पहल दिखाई नहीं दे रही।
स्थानीय लोगों ने बुधवार को दोनों स्टॉप डैम का स्थल निरीक्षण कर वर्तमान स्थिति का जायजा लिया और तस्वीरें मीडिया के साथ साझा कीं। उनका कहना है कि इन संरचनाओं में पानी का स्तर लगातार घट रहा है, जबकि विभागों की ओर से न तो मरम्मत, न सफाई और न ही जल भराव बढ़ाने के लिए कोई कदम उठाए जा रहे हैं।

नगरवासियों का स्पष्ट मत है कि यदि प्रमुख नदियों में जल संरक्षण कार्य समय रहते शुरू नहीं किए गए, तो आने वाले महीनों में भूमिगत जल स्तर तेजी से गिर सकता है, जिससे नगर के अधिकांश मोहल्लों में पानी की गंभीर किल्लत खड़ी हो जाएगी।

जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करते हुए स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से त्वरित हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि विभागीय स्तर पर जल संरक्षण, डैमों की मरम्मत, गाद निकालने और पानी रोकने की प्रभावी व्यवस्था किए बिना शहर को संभावित जल संकट से बचाना संभव नहीं होगा।
नगरवासियों का आग्रह है कि प्रशासन स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल सर्वे कर उचित व ठोस कदम उठाए, जिससे आने वाले ग्रीष्मकाल में लोगों को पेयजल संकट का सामना न करना पड़े।
