रायगढ़-राष्ट्रीय एकता के शिल्पकार एवं भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर रायगढ़ जिले में आज ऐतिहासिक और भव्य यूनिटी मार्च का आयोजन किया गया। प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी और लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया की अगुवाई में आयोजित यह 12 किलोमीटर लंबी पदयात्रा घरघोड़ा से तमनार तक निकाली गई, जिसमें हजारों नागरिक, विद्यार्थी, जनप्रतिनिधि और विभिन्न संगठनों के सदस्य उत्साहपूर्वक शामिल हुए।
यात्रा के दौरान सभी जनप्रतिनिधियों ने अपने हाथों में तिरंगा ध्वज थामे रखा और ‘भारत माता की जय’, ‘छत्तीसगढ़ महतारी की जय’ और ‘सरदार पटेल अमर रहें’ जैसे नारों के साथ मार्च को आगे बढ़ाया। विद्यार्थियों द्वारा एक किलोमीटर लंबा राष्ट्रीय ध्वज लेकर किया गया मार्च इस आयोजन का विशेष आकर्षण रहा, जिसने पूरे मार्ग को देशभक्ति और एकता के भाव से सराबोर कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ घरघोड़ा स्थित गायत्री मंदिर परिसर से हुआ। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने भारत माता, छत्तीसगढ़ महतारी, सरदार वल्लभभाई पटेल और महात्मा गांधी के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर पूजा-अर्चना की और ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प के साथ रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
मार्च के दौरान विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत, नृत्य और नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए, साथ ही सरदार पटेल के प्रेरक प्रसंगों से वातावरण को एकता और राष्ट्रप्रेम से भर दिया। रैली का मार्ग जयस्तंभ चौक, कारगिल चौक, स्वामी आत्मानंद विद्यालय, झांका दरहा, देवगढ़ हायर सेकेंडरी स्कूल, जरेकेला, बरभाठा, राम मंदिर चौक से होते हुए तमनार के स्वामी आत्मानंद स्कूल मैदान तक था। मार्ग में ग्रामीणों और युवाओं ने पुष्पमाला से स्वागत कर मार्च को भव्य रूप दिया।
आमसभा को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि यह वर्ष छत्तीसगढ़ और देश के लिए गर्व का वर्ष है। उन्होंने कहा कि यह राज्य श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की कल्पना से अस्तित्व में आया और आज हम सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती मना रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरदार पटेल ने 565 रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर अखंड भारत की नींव रखी और देश की सेवा में अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित किया।
वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि सरदार पटेल के पास कोई निजी संपत्ति नहीं थी, जो उनके त्याग, समर्पण और राष्ट्रनिष्ठा का प्रतीक है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे स्वदेशी अपनाएं, भारत में निर्मित वस्तुओं का उपयोग करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। अंत में, श्री चौधरी ने पदयात्रा को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए सभी आयोजकों और नागरिकों को धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस भव्य और ऐतिहासिक यूनिटी मार्च ने रायगढ़ के लोगों में राष्ट्रप्रेम, एकता और सामाजिक सौहार्द्र की भावना को और अधिक मजबूत किया।
